शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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केरल के कोच्चि में 7 नवंबर को SIR के खिलाफ धरना, सीजेपी ने किया ऐलान

सियासत PT24 टीम

सीजेपी ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि कोच्चि के राजेंद्र मैदान में शाम 4 बजे आंदोलन होगा। संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल होंगे।

सिटिझन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) ने केरल के कोच्चि में 7 नवंबर को विशेष सघन मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ आंदोलन करने का ऐलान किया है। खबर के मुताबिक यह दिवाली से एक दिन पहले की तारीख है। सीजेपी की मांग है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया रद्द की जाए। इस मांग की ओर उसने केंद्र सरकार समेत पूरे देश का ध्यान खींचा है।

सीजेपी ने यह घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए की। पोस्ट के मुताबिक आंदोलन कोच्चि के राजेंद्र मैदान में शाम 4 बजे रखा गया है। इसे जंतर मंतर पर हुए आंदोलन की तर्ज पर आयोजित किया जा रहा है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी इसमें हिस्सा लेंगे।

कोच्चि के कार्यक्रम में सीजेपी के दक्षिण प्रादेशिक प्रमुख विजय मल्लांगी और राष्ट्रीय सचिव आफरीन नवाज भी मौजूद रहेंगे। यह दक्षिण भारत में सीजेपी की पहली बड़ी मुहिम है। एक्स की पोस्ट में सीजेपी ने केरलवासियों से अपील की है: "लोकतंत्र बचाओ! एसआईआर (SIR) रद्द करो! हमारे साथ जुड़ो - 7 नवंबर, दोपहर 4 बजे, राजेंद्र मैदान, कोच्चि।"

इससे पहले दिल्ली में सीजेपी के नेताओं को हिरासत और गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा था। मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार और SIR प्रक्रिया के खिलाफ जंतर मंतर पर आंदोलन की कोशिश के दौरान ऐसा हुआ। पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास समेत सीजेपी के कुछ और नेताओं को हिरासत में लिया था। खबर के मुताबिक उन्होंने जरूरी इजाजत लिए बिना जंतर मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन करने की कोशिश की थी। इसके बाद सरकार ने जंतर मंतर का 'आंदोलन स्थल' का दर्जा रद्द कर दिया।

सौरभ दास और आशुतोष रांका को पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन पर बिना इजाजत जंतर मंतर में घुसकर तिरंगा फहराने का आरोप था। एक हफ्ता जेल में रहने के बाद उन्हें लिखित आश्वासन के साथ छोड़ा गया। रिहाई की शर्त यह थी कि जब तक जंतर मंतर को आधिकारिक तौर पर आंदोलन की तय जगह घोषित नहीं किया जाता, तब तक वे वहां कोई और आंदोलन नहीं करेंगे।

दूसरी तरफ, पिछले महीने कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 'लेहरा दो तिरंगा' की घोषणा करने वाले अभिजीत दीपके को भी आंदोलन से पहले ही दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। बाद में एसईएम ने उन्हें सशर्त जमानत पर छोड़ा। सरकार की ओर से बताया गया कि जमानत इस शर्त पर दी गई है कि वे अगले एक साल तक शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।

इन सब घटनाओं के बाद सीजेपी ने 1 नवंबर को दिल्ली में 'इंडिया' गठबंधन के मोर्चे को समर्थन दिया। लेकिन रामलीला मैदान में राहुल गांधी की अगुवाई में हुई रैली में उसने हिस्सा नहीं लिया। अब सीजेपी केरल के कोच्चि में नया आंदोलन शुरू करने की तैयारी में है। केरल को खबर में कांग्रेस शासित राज्य बताया गया है।

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