शरद पवार ने प्रफुल पटेल से कहा "10 तारीख के बाद बैठेंगे", सियासी गलियारों में अटकलें तेज
मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में प्रफुल पटेल से मुलाकात के दौरान शरद पवार के 10 तारीख वाले वाक्य के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं।
मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में इलाज करा रहे राष्ट्रवादी कांग्रेस शरदचंद्र पवार पार्टी के सर्वेसर्वा शरद पवार से राष्ट्रवादी कांग्रेस के नेता प्रफुल पटेल ने मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। सवाल पूछा जा रहा है कि क्या यह किसी बड़े सियासी फेरबदल की आहट है।
पवार को कुछ दिन पहले तबीयत खराब होने और थकान की वजह से पहले पुणे के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आगे की जांच और इलाज के लिए उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में शिफ्ट किया गया। उनकी हालत अब स्थिर बताई गई है और डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है।
प्रफुल पटेल ने 5 नवंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट करके बताया कि वे अस्पताल जाकर आदरणीय पवार साहब से मिले और उनकी तबीयत का हाल पूछा। मुलाकात के बाद सामने आई जानकारी के मुताबिक यह सिर्फ तबीयत पूछने वाली मुलाकात नहीं थी। इसमें राजनीति और देश-राज्य के हालात पर भी बात हुई। मुलाकात का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पवार पटेल से कहते दिख रहे हैं कि "हम 10 तारीख के बाद साथ बैठेंगे और चर्चा करेंगे", यानी 10 तारीख के बाद हम साथ बैठेंगे और बात करेंगे। इसी एक वाक्य से अटकलें तेज हुई हैं।
सूत्रों के मुताबिक पवार ने पटेल से कुछ दिन पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक के बारे में भी पूछा। पटेल और राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रमुख नेता उस बैठक में शाह से मिले थे। उधर पार्टी के भीतर कोर कमेटी और विधायकों की बैठकें चल रही हैं, और नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
पवार के करीबी विठ्ठल मणियार ने बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद फोन करके पवार की तबीयत का हाल पूछा। मणियार के मुताबिक मोदी ने कहा, "तुम सेहत का पूरा ध्यान रखो और पूरा आराम करो। सुप्रिया और हम देश संभाल लेंगे, तुम किसी बात की चिंता मत करो।" इस पर पवार ने प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करते हुए कहा, "आप सब हैं तो मुझे देश की चिंता नहीं है।"
पटेल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पवार और मोदी के बीच कई साल से अच्छे और आदर भरे रिश्ते हैं। यूपीए के दौर में, जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी उनके संबंध बेहतर थे। इसलिए पटेल के मुताबिक मोदी का फोन आना बिल्कुल स्वाभाविक बात है।
इस बीच सांसद सुप्रिया सुले के केंद्रीय मंत्री बनने की चर्चा भी कई दिनों से चल रही है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने हाल ही में एक बयान में सुले को केंद्रीय मंत्रिमंडल में लिए जाने का संकेत दिया था। एनडीए के विस्तार की बात भी चल रही है। दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ आने यानी विलय की बात समय-समय पर उठती रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि भाजपा ने दोनों पार्टियों को एनडीए में लाने की कोशिश शुरू की है। इसी तरह जयंत पाटील को राज्य का वित्त मंत्रालय मिलने की कानाफूसी भी चल रही है। ये सब अटकलें हैं और इनकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
पटेल ने मुलाकात के बाद कहा कि आज दोनों की राजनीतिक भूमिकाएं भले अलग हों, पर निजी और पारिवारिक रिश्ते बहुत करीबी हैं। उनके शब्दों में, "मैं पवार साहब से मिलने गया था। उनकी तबीयत अच्छी है, वे हंस रहे थे और देश-राज्य में क्या चल रहा है, यह पूछ रहे थे। अमेरिका के हालात तक पर उन्होंने बात की। लेकिन अस्पताल में बड़ी राजनीतिक चर्चा करना ठीक नहीं है।"
अब सबकी नजर 10 तारीख पर है। दोनों राष्ट्रवादी कांग्रेस साथ आएंगी या नहीं, सुप्रिया सुले की भूमिका पर क्या फैसला होगा और महायुति या महाविकास आघाडी के समीकरणों पर इसका क्या असर पड़ेगा, इन सवालों के जवाब 10 तारीख के बाद ही मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
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