नागपुर ग्रेजुएट्स सीट पर 23 अक्टूबर को वोटिंग, कांग्रेस-बीजेपी में मुकाबला
महाराष्ट्र विधान परिषद की पांच खाली सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित, नागपुर ग्रेजुएट्स सीट पर सबकी निगाहें
महाराष्ट्र विधान परिषद की नागपुर ग्रेजुएट्स कॉन्स्टिटुएंसी के लिए चुनावी माहौल गरमाने वाला है। इलेक्शन कमीशन ने राज्य की पांच खाली सीटों पर होने वाले द्विवार्षिक चुनाव का शेड्यूल जारी कर दिया है। वोटिंग 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगी, जबकि वोटों की गिनती और नतीजे 27 अक्टूबर को आएंगे।
जिन पांच सीटों पर चुनाव होना है उनमें तीन ग्रेजुएट्स कॉन्स्टिटुएंसी और दो टीचर्स कॉन्स्टिटुएंसी शामिल हैं। इनमें नागपुर ग्रेजुएट्स सीट पर खासतौर पर सियासी नजरें टिकी रहेंगी, क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी दोनों इस चुनाव के लिए तैयारियों में जुट गए हैं।
चुनाव कार्यक्रम के मुताबिक 29 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी होगा। नॉमिनेशन भरने की आखिरी तारीख 6 अक्टूबर है, 7 अक्टूबर को स्क्रूटनी होगी और उम्मीदवार 9 अक्टूबर तक अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। पूरी चुनावी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक निपटानी है।
नागपुर ग्रेजुएट्स सीट का सियासी महत्व काफी बड़ा है। नागपुर, वर्धा, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गडचिरोली को कवर करने वाली इस सीट पर करीब 58 साल तक बीजेपी और उससे पहले जनसंघ का कब्जा रहा, जब तक 2020 में कांग्रेस के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने यह सिलसिला नहीं तोड़ा।
2020 के चुनाव में वंजारी ने बीजेपी उम्मीदवार संदीप जोशी को 18,910 वोटों से हराया था। महाराष्ट्र के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर की ओर से जारी आधिकारिक नतीजों के मुताबिक वंजारी को 61,701 वोट मिले थे, जबकि जोशी को 42,791 वोट मिले।
इस नतीजे ने बीजेपी का इस सीट पर लंबा दबदबा खत्म कर दिया था। इससे पहले यह सीट गंगाधरराव फडणवीस और नितिन गडकरी जैसे बड़े नेताओं के पास रह चुकी है।
2026 का यह चुनाव इसलिए नया मुकाबला लेकर आया है, जिसमें बीजेपी इस सीट को वापस पाने की कोशिश में है और कांग्रेस इसे बचाए रखने की।
बीजेपी ने इस सीट को दोबारा जीतने के लिए वोटर रजिस्ट्रेशन कैंपेन तेज कर दिया है। पार्टी के भीतर संभावित उम्मीदवारों के तौर पर पूर्व विधायक सुधाकर कोहले और पूर्व एमएलसी अनिल सोले के नाम चर्चा में हैं।
दूसरी ओर कांग्रेस मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी को दोबारा मैदान में उतारने की तैयारी में है। नागपुर ग्रेजुएट्स सीट के लिए उनकी उम्मीदवारी को पार्टी का समर्थन मिल चुका बताया जा रहा है।
इस मुकाबले में एक तीसरा एंगल भी जुड़ गया है, टीचर्स भारती ने इंजीनियर अतुल देशमुख को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
जहां पार्टियां अपनी-अपनी संगठनात्मक मशीनरी को सक्रिय कर वोटर रजिस्ट्रेशन में जुट गई हैं, वहीं नागपुर ग्रेजुएट्स का यह चुनाव पूरे विदर्भ इलाके में चर्चा का विषय बनने वाला है।
जिन पांच सीटों पर वैकेंसी है उनमें औरंगाबाद ग्रेजुएट्स कॉन्स्टिटुएंसी से सतीश भानुदास चव्हाण, पुणे ग्रेजुएट्स कॉन्स्टिटुएंसी से अरुण गणपतराव लड, नागपुर ग्रेजुएट्स कॉन्स्टिटुएंसी से अभिजीत गोविंदराव वंजारी, अमरावती टीचर्स कॉन्स्टिटुएंसी से किरण रामराव सरनाईक और पुणे टीचर्स कॉन्स्टिटुएंसी से जयंत दिनकर असगांवकर शामिल हैं।
2020 के नतीजे तीनों ग्रेजुएट्स सीटों के सियासी महत्व की झलक देते हैं। नागपुर के मुकाबले में वंजारी को 61,701 वोट मिले थे, जो जीत के लिए जरूरी 60,747 वोटों के कोटे से ज्यादा थे, जबकि बीजेपी के जोशी को 42,791 वोट मिले।
चुनाव कैलेंडर के मुताबिक 29 सितंबर को नोटिफिकेशन, 6 अक्टूबर नॉमिनेशन की आखिरी तारीख, 7 अक्टूबर स्क्रूटनी, 9 अक्टूबर नामांकन वापसी की आखिरी तारीख, 23 अक्टूबर वोटिंग सुबह 8 से शाम 4 बजे तक और 27 अक्टूबर को काउंटिंग व नतीजे तय हैं।
इस ऐलान के साथ ही चुनावी मशीनरी पूरी तरह सक्रिय हो गई है। नागपुर ग्रेजुएट्स सीट एक बार फिर कांग्रेस और बीजेपी के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबले के लिए तैयार है, वो भी ऐसे वक्त में जब बीजेपी दशकों के दबदबे के बाद गंवाई हुई यह सीट वापस पाने की कोशिश में जुटी है।
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