रूस की चुनाव व्यवस्था पर एक हजार से ज्यादा साइबर हमले, AI गैंग्स पर शक
रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रमुख एला पामफिलोवा ने दावा किया कि संसदीय चुनाव के दौरान चुनाव प्रणाली पर बड़े पैमाने पर साइबर हमले हुए, जिनके पीछे AI तकनीक इस्तेमाल करने वाले पेशेवर गैंग्स का हाथ हो सकता है।
रूस में संसदीय चुनाव के दौरान वहां की चुनाव व्यवस्था को भारी साइबर हमलों का सामना करना पड़ा है। रूस के केंद्रीय चुनाव आयोग की प्रमुख एला पामफिलोवा ने बताया कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर पर DDoS हमलों की एक हजार से ज्यादा लहरें दर्ज की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल हुआ है।
पामफिलोवा के मुताबिक, चुनाव से जुड़े वेब सर्वर, ऑनलाइन वोटिंग सर्विस और टेलीकॉम नेटवर्क को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर DDoS हमले किए गए। रूसी अधिकारियों का कहना है कि इन हमलों का मकसद चुनाव व्यवस्था के कामकाज को प्रभावित करना और ऑनलाइन सर्विसेज की स्पीड धीमी करना था। हालांकि रूसी प्रशासन ने यह भी साफ किया कि इन हमलों की वजह से चुनाव प्रक्रिया कहीं रुकी नहीं।
पामफिलोवा ने दावा किया कि ये हमले बेहद पेशेवर और सुव्यवस्थित तरीके से काम करने वाले गैंग्स ने किए हैं। उनका कहना है कि इन गैंग्स ने हमलों के लिए AI टेक्नोलॉजी और आधुनिक डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल किया होगा। रूसी अधिकारियों ने यह भी बताया कि कुछ हमले विदेश से हुए हैं। लेकिन इन हमलों के पीछे असल में कौन सा गैंग या कौन सा देश है, इसकी अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।
चुनाव के दूसरे दिन मॉस्को की रिमोट इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग सिस्टम पर भी रातभर एक बड़ा साइबर हमला हुआ, ऐसा रूसी अधिकारियों ने बताया। इन हमलों की वजह से कुछ यूजर्स को ऑनलाइन वोटिंग के इन्फ्रास्ट्रक्चर तक पहुंचने में देरी का सामना करना पड़ा, ऐसी रिपोर्ट है।
फिर भी रूस के चुनाव आयोग ने कहा कि सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा है। इससे यह साफ होता है कि रूस के चुनाव में पारंपरिक राजनीतिक टकराव के साथ-साथ अब साइबर युद्ध की भी नई चुनौती खड़ी हो गई है।