कांग्रेस में लौट सकते हैं पांच पूर्व मुख्यमंत्री, वाघेला ने खुलकर जताई इच्छा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के SIR और वोट चोरी के खिलाफ मोर्चे के बीच पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों की कांग्रेस में वापसी की चर्चा तेज है।
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लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वोट चोरी और SIR में मनमाने फैसलों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस के साथ इंडिया गठबंधन के बाकी सभी घटक दल भी महायुति सरकार पर लगातार हमला कर रहे हैं। उधर भाजपा सरकार की तरफ से भी पलटवार हो रहा है।
केंद्र में माहौल गरम है और इसी बीच सियासी गलियारों में चर्चा चल पड़ी है कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला समेत कुछ पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस में लौटने की राह पर हैं। वाघेला ने अपनी इच्छा खुलकर जाहिर कर दी है। गुजरात कांग्रेस के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला से मीडिया ने इस बारे में सवाल किया तो उन्होंने इशारों में कहा, "कुछ हुआ तो सबसे पहले मैं ही आपको बताऊंगा।"
कहा जा रहा है कि क्षेत्रीय पार्टियों को कमजोर करने की कोशिशों और वोट चोरी व SIR के मुद्दे पर विरोध करके राहुल गांधी ने एक सख्त संदेश दिया है। इसी वजह से पांच पूर्व मुख्यमंत्रियों के लौटने की संभावना जताई जा रही है। इन नामों में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद, गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री शंकरसिंह वाघेला, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी शामिल हैं।
इनमें से शंकरसिंह वाघेला को छोड़कर किसी और पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस में वापस आने की अपनी निजी इच्छा जाहिर नहीं की है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इन पांचों में से कोई भी लौटा तो सियासी समीकरण बदल जाएंगे। इनमें से ज्यादातर ने कांग्रेस के मुश्किल दौर में पार्टी छोड़ी थी। अब सवाल यह है कि राहुल गांधी किसे लौटने का मौका देंगे। अशोक चव्हाण को छोड़कर बाकी चारों के पास फिलहाल कोई बड़ा राजनीतिक पद नहीं है।
अमरिंदर सिंह के बारे में राहुल गांधी ने जनरेशन ज़ेड के आंदोलन के दौरान सम्मान जताया था और उन्हें भाजपा में अपना पसंदीदा नेता कहा था। तभी से चर्चा है कि पंजाब चुनाव से पहले अमरिंदर सिंह पार्टी में लौटेंगे या नहीं। फिलहाल वे भाजपा में हैं, लेकिन उनके पास कोई बड़ा पद नहीं है। गुलाम नबी आजाद इस वक्त डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव आजाद पार्टी (DPAP) के संस्थापक और मुख्य संरक्षक (अध्यक्ष) हैं। उन्होंने अगस्त 2022 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से इस्तीफा दिया और सितंबर 2022 में अपनी नई पार्टी बनाई।
किरण कुमार रेड्डी अविभाजित आंध्र प्रदेश के 16वें मुख्यमंत्री रहे। मुख्यमंत्री बनने से पहले वे आंध्र प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष, विधायक और मुख्य सचेतक रह चुके हैं। उन्होंने 2023 में कांग्रेस छोड़ी और अभी भाजपा के सदस्य हैं। अशोक चव्हाण फिलहाल महाराष्ट्र से राज्यसभा सांसद हैं और भाजपा के सदस्य हैं। वे अप्रैल 2024 से संसद के ऊपरी सदन में हैं। उन्होंने फरवरी 2024 में कांग्रेस से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी जॉइन की थी। इससे पहले वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं।
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