जियो प्लेटफॉर्म्स ने IPO से पहले रखा ग्रोथ का रोडमैप, आकाश अंबानी ने गिनाए तीन इंजन
भारत के सबसे बड़े IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल को अपने तीन ग्रोथ इंजन बताया।
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भारत के अब तक के सबसे बड़े IPO से पहले जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपनी आगे की बढ़त का रोडमैप सामने रखा है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए जियो प्लेटफॉर्म्स के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश अंबानी ने मोबिलिटी, होम और एंटरप्राइज-इंटरनेशनल, इन तीन क्षेत्रों को कंपनी के मुख्य ग्रोथ इंजन बताया।
आकाश अंबानी ने भरोसा जताया कि टेक्नोलॉजी, डिजिटल गेटवे और मजबूत बुनियादी ढांचे के दम पर कंपनी वित्त वर्ष 2030-31 तक भारत की करीब 1.4 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान देने की क्षमता रखती है।
उन्होंने कहा, "हमारे कारोबार का सबसे अहम हिस्सा हमारा ग्राहक है।" उनके मुताबिक जियो का जोर हर भारतीय नागरिक, हर घर और हर उद्योग समूह को बेहतर और किफायती डिजिटल सेवाएं देने पर रहेगा। इस वक्त जियो के पास करीब 53.3 करोड़ कनेक्टिविटी ग्राहक हैं और देश के कुल डेटा ट्रैफिक में से 60 फीसदी से ज्यादा जियो के नेटवर्क से गुजरता है।
मोबिलिटी में कंपनी को अगले पांच साल में करीब 34 करोड़ नए 4G और 5G ग्राहकों का बाजार बनने की उम्मीद है। आकाश अंबानी के मुताबिक इनमें से करीब 10 करोड़ ग्राहक पहली बार मोबाइल कनेक्शन लेने वाले होंगे, जबकि करीब 24 करोड़ ग्राहक 2G से 4G और 5G सेवाओं की तरफ जा सकते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में जियो के नेट एक्टिव मोबाइल ग्राहकों में जो बढ़ोतरी हुई, वह दूसरे नंबर के ऑपरेटर के मुकाबले करीब तीन गुना थी।
दूसरा इंजन होम ब्रॉडबैंड है। जियो के पास अभी करीब 2.86 करोड़ फिक्स्ड ब्रॉडबैंड ग्राहक हैं और कंपनी का लक्ष्य इस संख्या को बढ़ाकर 10 करोड़ घरों तक पहुंचना है। फाइबर नेटवर्क के साथ अपनी वायरलेस टेक्नोलॉजी के जरिए कंपनी देश के 19,000 पिनकोड क्षेत्रों में अपनी पहुंच बढ़ा रही है।
तीसरा इंजन एंटरप्राइज और इंटरनेशनल कारोबार होगा। जियो के आकलन के मुताबिक भारत में एंटरप्राइज डिजिटल सेवाओं के बाजार का आकार करीब 5.1 लाख करोड़ रुपये, यानी 56.8 अरब डॉलर है। आकाश अंबानी ने बताया कि देश की करीब 65 फीसदी बैंक शाखाएं जियो के नेटवर्क से जुड़ी हैं।
कंपनी की योजना है कि अपनी खुद विकसित की हुई एंड-टू-एंड टेक्नोलॉजी प्रणाली को चुनिंदा विदेशी बाजारों में कमर्शियल तौर पर उपलब्ध कराए। जियो का जोर सिर्फ सॉफ्टवेयर बेचने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वह दुनिया की टेलीकॉम कंपनियों के साथ मैनेज्ड सर्विस पार्टनर के तौर पर काम करेगा। आकाश अंबानी ने कहा कि इससे भारत को टेक्नोलॉजी आयात करने वाले देश से टेक्नोलॉजी निर्यात करने वाले देश की ओर बढ़ने में मदद मिल सकती है।
इससे पहले ईशा अंबानी ने जियो की शुरुआत और रिलायंस के कारोबारी नजरिए का जिक्र करते हुए कहा कि कंपनी लंबे समय की सोच, बड़े पैमाने पर विस्तार, असरदार अमल और आर्थिक अनुशासन के सिद्धांतों में भरोसा रखती है। प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत करते हुए उदय कोटक ने रिलायंस के संस्थापक धीरूभाई अंबानी और 1977 में आए रिलायंस के IPO की यादें ताजा कीं।