जयशंकर की गयाना के राष्ट्रपति इरफान अली से मुलाकात, UPI जैसा पेमेंट सिस्टम बनेगा
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विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गयाना के राष्ट्रपति डॉ. इरफान अली से मुलाकात की और दोनों देशों के आपसी सहयोग का पूरा जायजा लिया। इस बैठक का सबसे बड़ा और अहम फैसला भारत और गयाना के बीच 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' (Digital Public Infrastructure) को मजबूत करने का करार रहा।
इस करार के तहत गयाना में भारत के UPI (Unified Payments Interface) जैसा ही डिजिटल पेमेंट सिस्टम खड़ा किया जाएगा। भारत में UPI को बेहद कामयाब माना जाता है।
बैठक की जानकारी जयशंकर ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की। उन्होंने बताया कि गयाना के साथ रिश्ते और गहरे करने की कोशिश में भारत ने वहां सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवा और रक्षा क्षेत्र के बुनियादी प्रोजेक्ट्स के लिए 500 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट (Line of Credit) की मियाद बढ़ा दी है।
रिश्तों में हाल के समय में तेजी से सुधार आया है। इसका हवाला देते हुए जयशंकर ने कहा कि नवंबर 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गयाना दौरे से दोनों देशों के संबंधों को नया आयाम मिला था। उस दौरे में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था। साथ ही खेती के क्षेत्र को, खासकर छोटे किसानों की मदद के लिए, एक मजबूत ईकोसिस्टम (Ecosystem) बनाने पर भी ध्यान दिया गया था।
इस बैठक में सिर्फ बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर की बात नहीं हुई। स्थानीय स्तर पर लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधा असर डालने वाले मसलों पर भी करार हुए। दोनों नेताओं की मौजूदगी में सूक्ष्म और लघु उद्योग (MSE) के उत्पादन प्रोजेक्ट्स की सप्लाई और उनकी स्थापना से जुड़े अहम समझौतों पर दस्तखत हुए।
इसके अलावा, इलाके की छोटी-बड़ी दिक्कतें फौरन दूर करने और बुनियादी सुधार लाने के लिए 'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स' (Quick Impact Projects) को लागू करने के वास्ते खास अनुदान की मदद देने पर भी दोनों देश राजी हुए हैं। इससे गयाना में रोजगार बढ़ने और छोटे उद्यमियों को राहत मिलने की उम्मीद जताई गई है।
एंटिगुआ और बारबुडा में हुई राष्ट्रमंडल सरकार प्रमुखों की बैठक (CHOGM) के मौके पर जयशंकर ने सिर्फ गयाना के राष्ट्रपति से ही नहीं, बल्कि दूसरे बड़े वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ से द्विपक्षीय रिश्तों पर बातचीत की। इसके साथ ही यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम से मिलकर व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (CETA) के संदर्भ में दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने के रास्तों पर विस्तार से चर्चा की।
भारत और गयाना के राजनयिक और सांस्कृतिक रिश्ते काफी पुराने हैं। दोनों देश कभी ब्रिटिश औपनिवेशिक साम्राज्य का हिस्सा रहे हैं। गयाना में मई 1965 में जॉर्जटाउन में पहली बार भारतीय आयोग बना था, जिसे 1968 में पूरे समय के भारतीय उच्चायोग (High Commission of India) का दर्जा मिला। सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ाने के लिए 1972 में गयाना में 'भारतीय सांस्कृतिक केंद्र' शुरू किया गया। आज गयाना में भारतीय मूल के बहुत से लोग रहते हैं।
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