जांभूळघाट आश्रमशाला में बेड कम, छात्राओं को जमीन पर सोना पड़ रहा: ब्राम्हणवाडे
चिमूर के जांभूळघाट आश्रम स्कूल में 572 विद्यार्थियों के लिए पूरे बेड नहीं हैं। महेंद्र ब्राम्हणवाडे ने मुआयने के बाद विभागीय आयुक्त आयुषी सिंग से फोन पर बात की।
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चिमूर के जांभूळघाट आश्रम स्कूल में बच्चों की सुविधाओं का सवाल एक बार फिर उठा है। इस स्कूल में 572 विद्यार्थी पढ़ते हैं, जिनमें 300 लड़के और 272 लड़कियां हैं। महेंद्र ब्राम्हणवाडे ने स्कूल का दौरा कर हालात देखे।
ब्राम्हणवाडे ने बताया कि मुआयने के दौरान उन्हें दिखा कि यहां बेड काफी नहीं हैं और छात्राओं को नीचे जमीन पर सोना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि बेड तुरंत उपलब्ध कराए जाएं और खाली पड़े पद भरे जाएं। इस मामले पर उन्होंने विभागीय आयुक्त से फोन पर संपर्क भी किया।
मुआयने के वक्त उन्होंने विद्यार्थियों से बात की। बच्चों के रहने का इंतजाम, खाना, साफ-सफाई, सेहत की सुविधा और स्कूल की बाकी व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली गई। विद्यार्थियों ने भी अपनी दिक्कतें ब्राम्हणवाडे के सामने रखीं। उन्होंने चेतावनी दी कि बच्चों के खाने की क्वालिटी के साथ किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ब्राम्हणवाडे ने यह भी कहा कि स्कूल के कुछ कर्मचारी नशे की गिरफ्त में होने की जानकारी है। उन्होंने इसकी तुरंत जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने खाली पद जल्दी भरने, साफ-सफाई करने वाले कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और एक अधीक्षक पर पड़ा अतिरिक्त काम का बोझ कम करने की मांग रखी। बच्चों की सेहत के लिए नियमित हेल्थ चेकअप और स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की जरूरत भी उन्होंने बताई।
उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी गंभीर हालत की जानकारी प्रशासन को मिलने के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने अब तक आश्रम स्कूल जाकर मुआयना क्यों नहीं किया। इसी सवाल के साथ उन्होंने विभागीय आयुक्त आयुषी सिंग को फोन किया और आश्रम स्कूल के हालात की फौरन जांच कर जरूरी कार्रवाई करने की मांग की।
ब्राम्हणवाडे ने कहा, "572 विद्यार्थियों की सुरक्षा, सेहत और भविष्य का सवाल है। प्रशासन सिर्फ आश्वासन न दे, बल्कि विद्यार्थियों को असल में सुविधाएं मुहैया कराए। उनकी सुरक्षा और भलाई के साथ किसी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
इस मौके पर प्रमोद चौधरी, राजू कापसे, अविनाश अगडे, प्रशांत डवले, मिलिंद खोब्रागडे, अमोल मालके, रोहन नन्नावरे, कुंदन पडवेकर, निखिल करमेंगे, स्वप्नील दोहतरे, हरीश मुळे, सूरज चौधरी, अमर नवघडे, हुकूमसिंग जुनी, बागवान डहारे, समीर कुळमेथे, मधुकर मुंगले, ज्योतीताई मुंगले और मंजूताई रामटेके समेत कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।