इमरान हाश्मी के घर का पता भी लगवाया गया था, टायगर श्रॉफ फायरिंग केस में नया दावा
मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक आरोपियों से इमरान हाश्मी का घर ढूंढने को कहा गया था। चारों आरोपियों की पुलिस कस्टडी 28 अक्टूबर तक बढ़ी।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
अभिनेता टायगर श्रॉफ पर कथित फायरिंग के मामले की जांच में कुछ और चौंकाने वाले दावे सामने आए हैं। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच के मुताबिक इस केस के आरोपियों से अभिनेता इमरान हाश्मी का घर भी ढूंढने को कहा गया था। यह भी कहा जा रहा है कि सलमान खान, अक्षय कुमार और आमिर खान के घरों के आसपास के इलाकों का भी जायजा लिया गया था।
दावे के अनुसार, 18 अक्टूबर को टायगर श्रॉफ को निशाना बनाकर जो फायरिंग हुई, उसमें शामिल कथित शूटरों को इमरान हाश्मी के घर का पता लगाने का काम सौंपा गया था। आरोपियों ने इलाके में पूछताछ भी की, लेकिन उन्हें अभिनेता का घर नहीं मिला। इस कथित रेकी के पीछे असल मकसद क्या था और क्या दूसरे अभिनेताओं को भी निशाना बनाने की योजना थी, यह जांच का अहम सवाल है।
टायगर श्रॉफ पर कथित हमले से पहले आरोपियों ने सलमान खान, अक्षय कुमार और आमिर खान के घरों के आसपास का इलाका देखा था, ऐसा दावा किया गया है। सलमान खान को पहले भी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ी धमकियों का सामना करना पड़ चुका है। इसलिए बताया जा रहा है कि इस कथित रेकी की जांच में पुलिस अलग-अलग संभावनाओं को परख रही है। आमिर खान का घर ढूंढने की कोशिश की बात भी कही गई है, लेकिन वे पहले जिस बांद्रा इलाके में रहते थे, वहां से दक्षिण मुंबई शिफ्ट हो चुके हैं। इसी वजह से आरोपियों को उनका घर नहीं मिला।
इस मामले में राधा वर्मा, बबिता राव, कुणाल और सुमित, इन चार आरोपियों को सोमवार को मुंबई के किला कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने उनकी पुलिस कस्टडी 28 अक्टूबर तक बढ़ा दी। सुनवाई के दौरान क्राइम ब्रांच ने आरोपियों के कथित संपर्कों, हथियार के इंतजाम और हमले की प्लानिंग को लेकर जानकारी रखी। अब नजर इस पर है कि पूछताछ से और कौन से अहम सुराग हाथ लगते हैं।
पुलिस के दावे के मुताबिक कुणाल का संपर्क अनिल पंडित से था। अनिल पंडित के लॉरेंस बिश्नोई गैंग से रिश्ते होने का शक जताया गया है, पर ये रिश्ते साबित हुए हैं, इसकी कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं है। कुणाल ने कथित तौर पर पिस्तौल राधा वर्मा को दी थी। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद राधा वर्मा और बबिता राव 17 अक्टूबर को दादर में कथित शूटर रेहान अंसारी से मिलीं और उसे हथियार सौंप दिया। यह भी दावा है कि हमले के बाद पिस्तौल वापस लौटाने के निर्देश कथित शूटरों को दिए गए थे। ऐसे में हथियार कहां से आया, वह किसके कब्जे में था और उसे चलाने का आदेश किसने दिया, इन सवालों के जवाब जांच के लिए जरूरी हैं।
कथित रेकी, हथियार के लेन-देन और दूसरे अभिनेताओं के घरों को लेकर सामने आई बातों से बॉलीवुड कलाकारों की सुरक्षा का मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है। इस केस में असल में कौन-कौन शामिल था और हमले के पीछे क्या इरादा था, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगा। फिलहाल जो बातें सामने आई हैं, वे जांच में किए गए दावे हैं और उन्हें कोर्ट में साबित हो चुके तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
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