गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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हॉस्टल में रहने वाले ओबीसी विद्यार्थियों का मासिक भत्ता 600 रुपये से बढ़कर 1,500 रुपये तक

हॉस्टल में रहने वाले ओबीसी विद्यार्थियों का मासिक भत्ता 600 रुपये से बढ़कर 1,500 रुपये तक तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पढ़ाई PT24 टीम

महाराष्ट्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग समेत चार वर्गों के हॉस्टल विद्यार्थियों का निर्वाह भत्ता दोगुने से ज्यादा कर दिया है।

पढ़ाई के लिए घर से दूर हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है। महाराष्ट्र सरकार ने अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों का निर्वाह भत्ता दोगुने से भी ज्यादा बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। दिवाली के मौके पर लिए गए इस फैसले का फायदा अन्य पिछड़ा वर्ग, विमुक्त जाति, घुमंतू जनजाति और विशेष पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को मिलेगा।

नई व्यवस्था के हिसाब से विभागीय स्तर के हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को हर महीने 1,500 रुपये निर्वाह भत्ता मिलेगा। जिला स्तर के हॉस्टल के विद्यार्थियों को हर महीने 1,300 रुपये दिए जाएंगे।

अब तक दोनों तरह के हॉस्टल के विद्यार्थियों को हर महीने सिर्फ 600 रुपये मिलते थे। यानी विभागीय और जिला स्तर, दोनों जगह रकम एक जैसी थी। अब इसमें बड़ा इजाफा किया गया है, ताकि रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए विद्यार्थियों के हाथ में ज्यादा पैसा रहे।

यह फैसला आज राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में हुआ, जो मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई। बैठक में सरकार ने कुल 12 बड़े फैसले लिए। इनमें अन्य पिछड़ा बहुजन कल्याण विभाग की हॉस्टल योजना के तहत विद्यार्थियों का निर्वाह भत्ता बढ़ाने का फैसला खास माना जा रहा है। मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और इसकी जानकारी ओबीसी मंत्री अतुल सावे ने दी। सरकार के मुताबिक इस फैसले से हॉस्टल में रहकर पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी।

इन वर्गों के विद्यार्थियों की पढ़ाई का इंतजाम हो सके, इसलिए राज्य के 36 जिलों में लड़कों और लड़कियों के लिए मिलाकर कुल 72 हॉस्टल चलते हैं। इन हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों को घर से दूर रहना पड़ता है। रहने के साथ खाने, पढ़ाई के सामान और रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों पर भी उनका खर्च होता है। ऐसे में सिर्फ 600 रुपये का भत्ता कम पड़ता था। बढ़ी हुई रकम से यह खर्च संभालना अब आसान होगा।

इस फैसले के पीछे मकसद यही है कि पढ़ाई के लिए घर से दूर रहने वाले विद्यार्थियों को पैसों की तंगी न झेलनी पड़े। बढ़े हुए भत्ते से वे रोजमर्रा की जरूरतों के लिए कुछ हद तक खुद पर निर्भर हो सकेंगे। साथ ही उनके माता-पिता पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा। विद्यार्थियों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। दिवाली के वक्त आए इस फैसले से संबंधित वर्गों के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।

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