गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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ग्रामीण स्कूलों तक पहुंचेगी AI और रोबोटिक्स की पढ़ाई, गोरेगांव में बोलीं आदिती तटकरे

ग्रामीण स्कूलों तक पहुंचेगी AI और रोबोटिक्स की पढ़ाई, गोरेगांव में बोलीं आदिती तटकरे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पढ़ाई PT24 टीम

महिला व बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने गोरेगांव के नेस्को प्रदर्शन केंद्र में दो दिन के एज्युकेशन कनेक्ट एक्स्पो का उद्घाटन किया।

मुंबई में महिला व बाल विकास मंत्री आदिती तटकरे ने कहा कि डिजिटलाइजेशन के इस दौर में पढ़ाई के अंदर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआय), रोबोटिक्स और नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। उनके मुताबिक नई राष्ट्रीय शैक्षणिक नीति के हिसाब से सरकार चाहती है कि शहरों के साथ गांव और दुर्गम इलाकों के विद्यार्थियों तक भी वर्ल्ड क्लास आधुनिक शिक्षा पहुंचे।

तटकरे ने यह बात गोरेगांव के नेस्को प्रदर्शन केंद्र में कही। यहां 'एज्युकेशन ग्रोथ नेटवर्क' के दो दिन के 'एज्युकेशन कनेक्ट एक्स्पो' का उद्घाटन उन्हीं के हाथों हुआ। इस मौके पर एज्युकेशन ग्रोथ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉली सिंग भी मौजूद थीं।

मंत्री का कहना था कि गांव के बच्चों को आधुनिक शिक्षा के बराबर मौके मिलें, इसके लिए दुनिया भर के पाठ्यक्रम भारतीय भाषाओं में अनुवाद करके आसान शक्ल में उपलब्ध कराने पर सोचना जरूरी है।

एक्स्पो में शिक्षा क्षेत्र की नई सोच, आधुनिक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल और शैक्षणिक विकास के अलग अलग पहलुओं पर चर्चा हो रही है। तटकरे ने बताया कि इन चर्चाओं से जो सुझाव और नतीजे निकलेंगे, उन्हें राज्य की प्रस्तावित बाल नीति में शामिल करने की कोशिश की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सिर्फ पढ़ाई का स्तर ऊपर उठाना काफी नहीं है, बच्चों की शारीरिक और मानसिक सेहत का ख्याल रखना भी उतना ही जरूरी है। बढ़ती होड़, मां बाप की उम्मीदों और पढ़ाई पर होने वाले खर्च की वजह से बच्चों पर जो मानसिक दबाव आता है, उसे देखते हुए उनके हर तरह के विकास पर जोर देना होगा। सरकारी स्कूलों के बच्चों में यह भरोसा बनाने के लिए कि वे प्राइवेट स्कूलों के बच्चों से कम नहीं हैं, सरकार स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।

तटकरे के मुताबिक एज्युकेशन ग्रोथ नेटवर्क, स्कूली शिक्षा विभाग और महिला व बाल विकास विभाग के तालमेल से कुछ स्कूलों में प्रयोग के तौर पर आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं और गतिविधियां शुरू करने पर सरकार विचार करेगी। उन्होंने कहा कि अगले पांच साल में बच्चों का हर तरह का विकास करने के लिए शिक्षा की बुनियादी सुविधाएं और मजबूत करनी होंगी, साथ ही सरकार और शिक्षा क्षेत्र की अलग अलग संस्थाओं के बीच तालमेल बढ़ाना होगा।

डिजिटल पढ़ाई के लिए स्कूलों में डिजिटल बोर्ड लगाने के साथ शिक्षकों को उनका असरदार इस्तेमाल सिखाना भी जरूरी है। इसके लिए कम से कम दो दिन, यानी 48 घंटे की ट्रेनिंग देनी होगी, ऐसा मंत्री ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि विद्यार्थियों की तरह शिक्षकों की मानसिक सेहत और भलाई भी अहम है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्कूल मैनेजमेंट की दिक्कतों को एक साथ देखकर उन्हें दूर किया जाएगा, यह बात भी आदिती तटकरे ने कही।

प्रदर्शनी में 60 से 70 स्टॉल लगाए गए थे। इन स्टॉल्स पर डिजिटल बोर्ड से पढ़ाई, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स और टिकाऊ विकास से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों के लिए नए तरह के शैक्षणिक साधनों और सुविधाओं के बारे में भी यहां बताया गया।

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