हिमाचल का अनार और अरुणाचल का कीवी दुबई पहुंचा, अनार किसानों को 50 प्रतिशत ज्यादा दाम
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APEDA की मदद से हिमाचल प्रदेश के अनार और अरुणाचल प्रदेश के कीवी की प्रायोगिक खेप दुबई पहुंची है।
भारतीय फलों के लिए विदेशी बाजार में नया रास्ता खुल रहा है। हिमाचल प्रदेश के अनार और अरुणाचल प्रदेश के कीवी की ताजा खेप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दुबई पहुंच गई है। यह निर्यात केंद्र सरकार के कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के सहयोग से हो पाया है। उम्मीद की जा रही है कि इससे देश के किसानों के लिए विदेशी बाजारों के नए दरवाजे खुलेंगे।
इसकी जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को दी। मंत्रालय के मुताबिक APEDA ने हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले से सिंदुरी किस्म का 1.3 मेट्रिक टन अनार दुबई भिजवाने में मदद की। इसी तरह अरुणाचल प्रदेश के जीरो से 1.5 मेट्रिक टन कीवी की प्रायोगिक खेप भी दुबई तक पहुंचाई गई।
अनार की खेप में दो-दो किलो के 650 बॉक्स थे। इन्हें उत्तर प्रदेश की कंपनी अमामा एक्सपोर्ट्स ने बाहर भेजा। इस उपक्रम में स्थानीय उत्पादकों और किसान उत्पादक कंपनी (FPO) को निर्यातक से जोड़ा गया है। इसी वजह से हिमाचल प्रदेश के फल उत्पादकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचने का मौका मिला है।
ये अनार स्थानीय किसानों और भुंतर FPO से सीधे खरीदे गए। इस FPO से करीब 600 किसान जुड़े हैं। खरीद और तालमेल में कुल्लू जिला बागवानी प्रशासन ने मदद की। मंत्रालय ने बताया कि निर्यात में शामिल किसानों को देश के बाजार में चल रहे भाव के मुकाबले 50 प्रतिशत ज्यादा दाम मिला।
हिमाचल प्रदेश में सिंदुरी अनार की मुख्य किस्म मानी जाती है। इसके अलावा भगवा और कंधारी किस्मों की भी खेती होती है। सिंदुरी अनार का छिलका आकर्षक लाल होता है, दाने रसीले होते हैं और स्वाद खट्टा-मीठा होता है। इन्हीं खूबियों की वजह से ताजे फलों के बाजार में इसकी मांग बनने की संभावना है।
उधर अरुणाचल प्रदेश से भेजी गई 1.5 मेट्रिक टन कीवी की खेप भी कामयाबी से दुबई पहुंच गई। अल कुसैस के लुलू हाइपरमार्केट में इसे बिक्री के लिए रखा गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस फल को कितना रिस्पॉन्स मिलता है, यह परखने के लिए यह पहल अहम होगी।
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की पहल पर "कीवी: अरुणाचल प्रदेश की USP" नाम का ब्रांडिंग अभियान चल रहा है, जिसके तहत राज्य में कीवी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य सरकार के सहयोग से चल रहे इस अभियान का मकसद अरुणाचल की कीवी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में जगह दिलाना, ग्राहकों की प्रतिक्रिया जानना और स्थानीय उत्पादकों के लिए निर्यात के मौके बढ़ाना है।
अरुणाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों का मौसम और प्राकृतिक हालात कीवी की खेती के लिए अनुकूल बताए गए हैं। कहा जाता है कि यहां की कीवी की क्वालिटी और स्वाद खास है। राज्य में हेवर्ड, मोंटी, एलिसन और ब्रुनो किस्मों की खेती होती है। इनमें से हेवर्ड की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अच्छी मांग है।
इस प्रायोगिक निर्यात के जरिए स्थानीय कीवी उत्पादकों को विदेशी बाजारों से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। दुबई के ग्राहकों के रिस्पॉन्स और निर्यात के लिए जरूरी बातों का अध्ययन करके आगे के निर्यात की योजना बनाई जाएगी। इससे स्थानीय उत्पादकों को बेचने के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे और उनकी आमदनी बढ़ने की संभावना है।
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