HDFC बैंक की नई कार लोन स्कीम में बैटरी और गाड़ी का लोन अलग-अलग
HDFC बैंक ने इलेक्ट्रिक कार खरीदने वालों के लिए Flexi Electric Car Loan योजना शुरू की है, जिसमें कार की बॉडी और बैटरी के लिए अलग कर्ज मिलता है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
इलेक्ट्रिक कार लेने का मन है, लेकिन गाड़ी की ऊंची कीमत और हर महीने भरनी पड़ने वाली EMI की वजह से बजट नहीं बैठ रहा? ऐसे लोगों के लिए HDFC बैंक की Flexi Electric Car Loan योजना काम की हो सकती है। बैंक ने यह योजना इसलिए लाई है कि इलेक्ट्रिक कार में बैटरी का खर्च बड़ा होता है और ग्राहकों को शुरुआत में ज्यादा रकम लगानी पड़ सकती है।
योजना में कार की बॉडी और बैटरी, दोनों के लिए अलग तरीके से कर्ज की सुविधा दी जाती है। हालांकि हर ग्राहक की EMI कितनी कम होगी, यह उसके कर्ज की रकम, ब्याज दर और चुकाने की अवधि पर निर्भर करेगा।
पेट्रोल और डीजल कारों के मुकाबले इलेक्ट्रिक कार की कीमत अक्सर ज्यादा होती है। बैटरी महंगा हिस्सा है और गाड़ी की कुल कीमत में उसका बड़ा हिस्सा होता है। नतीजा यह कि कार खरीदने के लिए लिए जाने वाले कर्ज की रकम और महीने की किस्त भी बढ़ सकती है।
Flexi Electric Car Loan में बैटरी के लिए लिए गए कर्ज को चुकाने की अवधि तुलना में ज्यादा लचीली रखी जा सकती है। यही इस योजना की खासियत है। इससे ग्राहक अपनी माली हालत के हिसाब से कर्ज चुकाने का प्लान बना सकते हैं।
पूरी गाड़ी की कीमत पर एक ही तरीके से कर्ज लेने के बजाय अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग फाइनेंस की व्यवस्था ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकती है। योजना के संभावित फायदे ये हैं: कर्ज की बनावट के हिसाब से महीने की किस्त का बोझ संभालना आसान हो सकता है। बैटरी के कर्ज के लिए ज्यादा अवधि का विकल्प मिले तो चुकाने का प्लान सुलभ हो सकता है। शुरुआती खर्च का हिसाब लगाना आसान होने से कुछ ग्राहकों के लिए इलेक्ट्रिक कार खरीदने का फैसला सरल हो सकता है। और कर्ज की शर्तें समझ लेने पर अपनी आमदनी के हिसाब से सही विकल्प चुना जा सकता है।
फिर भी यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि अलग कर्ज होने से कुल ब्याज कम ही लगेगा या हर ग्राहक की EMI घट जाएगी।
HDFC बैंक की जानकारी के मुताबिक यह सुविधा देशभर की 9,700 से ज्यादा शाखाओं में उपलब्ध है। इलेक्ट्रिक कार लेने का सोच रहे ग्राहक संबंधित शाखा में जाकर योजना की जानकारी ले सकते हैं।
कर्ज के लिए अर्जी देने से पहले ब्याज दर, कर्ज की ऊपरी सीमा, पात्रता, प्रोसेसिंग फीस, चुकाने की अवधि और बाकी शर्तें जांच लेना जरूरी है। बैंक के आधिकारिक माध्यम से यह भी पक्का कर लें कि यह सुविधा अभी चालू है या नहीं।
EV खरीदते वक्त सिर्फ EMI देखकर फैसला न करें। गाड़ी की ऑन रोड कीमत, बीमा, घर या दफ्तर में चार्जिंग की सुविधा, बैटरी की वारंटी और मेंटेनेंस का खर्च भी देखें। साथ ही आम कार लोन और Flexi Electric Car Loan, दोनों की तुलना करें। महीने की किस्त के साथ पूरे कर्ज के दौरान भरना पड़ने वाला ब्याज और दूसरे चार्ज कितने हैं, यह भी जांचें।
कुल मिलाकर HDFC बैंक की यह योजना इलेक्ट्रिक कार खरीदने के लिए फाइनेंस का एक अलग रास्ता देती है। पर असली आर्थिक फायदा समझने के लिए कर्ज की सभी शर्तों की तुलना करके ही आखिरी फैसला लेना ठीक रहेगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।