हैदराबाद हाउस में मोदी और टस्क की बैठक, भारत-पोलैंड व्यापार 10 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य
नई दिल्ली में मोदी और टस्क की बैठक में दोनों देशों ने व्यापार 6 अरब से 10 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना पर बात की।
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नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में भारत और पोलैंड के बीच एक अहम बैठक हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की इस बातचीत में दोनों देशों ने रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया है।
भारत की तरफ से बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री जैसे बड़े अफसर मौजूद थे। इससे बातचीत की अहमियत का अंदाजा लगता है।
टस्क का यह सरकारी भारत दौरा 21 से 23 अक्टूबर तक चल रहा है। 2010 के बाद यह पहली बार है जब पोलैंड के किसी प्रधानमंत्री ने भारत का दौरा किया है, इसलिए इस दौरे पर काफी नजर थी। इससे पहले अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पोलैंड गए थे, और उस दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को 'सामरिक भागीदारी' (Strategic Partnership) का दर्जा दिया था।
बैठक का मुख्य जोर भारत और पोलैंड के बीच व्यापार और आर्थिक रिश्ते मजबूत करने पर रहा। पोलैंड के भारत स्थित दूतावास के पूर्व अधिकारियों की जानकारी के मुताबिक अभी दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार करीब 6 अरब अमेरिकी डॉलर के आसपास है। आने वाले वक्त में इसे 10 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने की बड़ी योजना तैयार की गई है।
इसी मकसद से पोलैंड के अर्थ और अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और वहां के प्रमुख उद्योगपतियों का एक बड़ा कारोबारी दल भी टस्क के साथ भारत पहुंचा है।
व्यापार के अलावा रक्षा, तकनीक, अंतरिक्ष अनुसंधान और ऊर्जा के क्षेत्र में साझेदारी बढ़ाने पर भी दोनों देश एकमत हुए। भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और यूरोपीय संघ में पोलैंड की मजबूत जगह को मिलाकर दोनों देश एक-दूसरे के विकास में साझेदार बनना चाहते हैं।
अपने दौरे में टस्क नई दिल्ली में भारत-पोलैंड कारोबार मंच में हिस्सा लेंगे। 23 अक्टूबर को वे बेंगलुरु जाएंगे, जिसे भारत के आईटी और अंतरिक्ष क्षेत्र की राजधानी माना जाता है, और वहां प्रमुख तकनीकी हस्तियों से बात करेंगे।
नई दिल्ली पहुंचने के बाद पोलैंड के प्रधानमंत्री सबसे पहले राजघाट गए और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्मारक पर पुष्पचक्र चढ़ाकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने प्रधानमंत्री टस्क से अलग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने पोलैंड के प्रधानमंत्री के विचारों की तारीफ की और भरोसा जताया कि यह मुलाकात दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देगी।
मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में भारत और पोलैंड की यह दोस्ती बेहद अहम मानी जा रही है। यूरोपीय संघ में भारत के अहम दोस्त पोलैंड के साथ रिश्ते गहरे होने से मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत की पकड़ और मजबूत होने में मदद मिलेगी।
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