हाईवे के टोल नाकों पर साफ टॉयलेट, बेहतर पार्किंग और EV चार्जिंग की सुविधा होगी
NHAI की नई गाइडलाइन के तहत टोल नाकों पर स्वच्छतागृहों की जांच, महिलाओं और दिव्यांगों के लिए खास इंतज़ाम, पार्किंग और EV चार्जिंग स्टेशन की सुविधा दी जाएगी।
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देश के राष्ट्रीय महामार्गों से गाड़ी में सफर करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत की खबर है। भारतीय राष्ट्रीय महामार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने हाईवे का सफर ज़्यादा आरामदायक, आसान और सुरक्षित बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। इस नए फैसले से टोल नाकों पर मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं का स्तर बदलेगा और सफर में आने वाली कई दिक्कतें दूर होंगी। महिलाओं, बुज़ुर्गों और दिव्यांग यात्रियों की सहूलियत के लिए प्रशासन की तरफ से खास इंतज़ाम किए जा रहे हैं।
नई गाइडलाइन के मुताबिक देश के सभी टोल नाकों पर बने सार्वजनिक टॉयलेट की बारीकी से जांच की जाएगी। जांच के बाद जहां भी मरम्मत की ज़रूरत होगी, वहां फौरन सुधार करने के आदेश दिए गए हैं।
टॉयलेट की खराब हो चुकी फर्श, नल, पीने के पानी का इंतज़ाम, बिजली सप्लाई और गंदे पानी की निकासी वाले सिस्टम में तुरंत सुधार होगा। इसके अलावा टॉयलेट की नियमित और चौबीसों घंटे सफाई के लिए खास कर्मचारी लगाए जाएंगे। यात्रियों की लगातार भीड़ और उपलब्ध सुविधाओं को देखते हुए सफाई का एक तय टाइमटेबल बनाया जाएगा।
महिला यात्रियों, छोटे बच्चों और परिवार के साथ सफर करने वालों की सुरक्षा और सेहत को पहल दी गई है। हर टोल नाके पर ज़रूरी जगहों पर सुरक्षा के लिहाज़ से सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। महिलाओं की सुविधा के लिए सैनिटरी नैपकिन देने वाली वेंडिंग मशीनें भी लगाई जाएंगी।
टॉयलेट का रास्ता दिखाने वाले साफ बोर्ड भी लगाए जाएंगे। खास बात यह है कि दिव्यांग यात्रियों को कोई परेशानी न हो, इसलिए हर टोल नाके पर आसानी से इस्तेमाल हो सकने वाला कम से कम एक खास टॉयलेट देना अब ज़रूरी होगा।
सिर्फ टॉयलेट ही नहीं, यात्रियों की गाड़ियों की सुरक्षा और उनके आराम के लिए पार्किंग का भी बेहतर इंतज़ाम किया जाएगा। पार्किंग में गाड़ियों के लिए अलग जगह तय की जाएगी। बारिश में या दूसरे समय पानी जमा न हो, इसके लिए पानी की सही निकासी का सिस्टम भी लगेगा।
बढ़ती इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) को देखते हुए टोल नाकों के आसपास EV के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने का अहम प्रावधान भी इस नई गाइडलाइन में किया गया है।
इन सुविधाओं की क्वालिटी बनी रहे और नियमों पर ठीक से अमल हो, इसके लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल होगा। पानी की कमी, बदबू की समस्या, गंदे पानी का लेवल, पाइपलाइन का रिसाव और बिजली सप्लाई की दिक्कतों की फौरन जानकारी देने वाला सिस्टम लगाया जाएगा।
यह पूरा सिस्टम NHAI के मुख्य डिजिटल सिस्टम से जोड़ा जाएगा। इससे संबंधित अधिकारी एक ही डिजिटल डैशबोर्ड से देश के सभी टोल नाकों की सुविधाओं की हालत और उनकी देखभाल पर सीधे और लगातार नज़र रख सकेंगे।
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