गोरेगांव में इंडिया केम 2026 शुरू, मोदी बोले: केमिकल हब बनने का मौका है भारत के पास
गोरेगांव के नेस्को एग्जिबिशन सेंटर में इंडिया केम 2026 का उद्घाटन हुआ। प्रधानमंत्री मोदी के संदेश में भारत को केमिकल हब बनाने का भरोसा जताया गया।
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मुंबई के गोरेगांव में नेस्को एग्जिबिशन सेंटर पर 'इंडिया केम 2026' नाम की अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी शुरू हो गई है। प्रदर्शनी का उद्घाटन केंद्रीय रसायन मंत्री जे.पी. नड्डा ने किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस खास तौर पर मौजूद थे। प्रदर्शनी का विषय है 'Advantage Bharat: An Emerging Global Chemicals Hub'।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस आयोजन के लिए एक संदेश भेजा था, जिसे नड्डा ने मंच से पढ़कर सुनाया। मोदी ने कहा कि यह प्रदर्शनी इंडस्ट्री से जुड़े नीति बनाने वालों, निवेशकों, रिसर्चर और उद्योगपतियों को एक मंच पर लाने वाला अहम प्लेटफॉर्म बन रही है। उन्हें भरोसा है कि इससे नई पार्टनरशिप बनेंगी, निवेश के मौके खुलेंगे और ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की हिस्सेदारी बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि देश के पास खुद को दुनिया का केमिकल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का मौका है।
अपने संदेश में प्रधानमंत्री ने देश की इकोनॉमी में केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि खेती, दवा बनाने, कपड़ा उद्योग और गाड़ी बनाने जैसे कई सेक्टरों को केमिकल प्रोडक्ट्स की जरूरत पड़ती है। इस उद्योग की बढ़ोतरी देश के अंदर होने वाले उत्पादन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों से जुड़ी हुई है।
मोदी के संदेश के मुताबिक केमिकल पार्कों को बढ़ाने के लिए भव्य रसायन योजना लागू की जा रही है। साथ ही रिसर्च, डेवलपमेंट और इनोवेशन योजना में केमिकल और पेट्रोकेमिकल सेक्टर को शामिल किया गया है। ये दोनों कदम उद्योग की बढ़त के लिए अहम पड़ाव हैं। सेमीकंडक्टर बनाने, क्लीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए एडवांस्ड केमिकल्स की मांग बढ़ रही है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री ने भारतीय कंपनियों से अपील की कि वे आधुनिक तकनीक और ज्यादा वैल्यू वाले प्रोडक्ट्स में निवेश करें। उन्होंने टिकाऊ उत्पादन के तरीकों और संसाधनों के कारगर इस्तेमाल को भी प्राथमिकता देने को कहा।
उद्घाटन समारोह में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल भी आए। गुजरात के राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया, फिक्की की राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल्स समिति के अध्यक्ष और एचएमईएल के प्रबंध निदेशक व मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रभ दास, और यूपीएल के चेयरमैन व ग्रुप सीईओ जय श्रॉफ भी मौजूद रहे। इनके अलावा अलग अलग राज्यों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के जाने माने लोग और देश विदेश के निवेशक भी पहुंचे थे।
नड्डा ने बताया कि केंद्र सरकार केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग के विकास के लिए अनुकूल नीतियों, इंफ्रास्ट्रक्चर और रिसर्च को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। उनके मुताबिक भारत में केमिकल उद्योग का मौजूदा बाजार करीब 220 अरब अमेरिकी डॉलर का है। इसे 2040 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और 2047 तक 1.6 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। नड्डा ने कहा कि यह लक्ष्य पाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, उद्योग जगत, रिसर्चर और निवेशकों को मिलकर काम करना होगा।
इसी कार्यक्रम से जुड़ी जानकारी में पालघर में एक बड़ा औद्योगिक केंद्र विकसित करने की योजना का भी जिक्र है।
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