गोंदिया में बांधों से भारी विसर्ग, पुजारीटोला के आठ गेट खोले गए, प्रशासन की चेतावनी
गोंदिया जिले में लगातार बारिश और ऊपरी हिस्से से पानी की आवक बढ़ने पर धापेवाडा बैराज, संजय सरोवर और पुजारीटोला बांध से पानी छोड़ा जा रहा है, प्रशासन ने नदी किनारे रहने वालों को सतर्क रहने को कहा है।
गोंदिया जिले में एक दिन पहले हुई लगातार बारिश और ऊपरी हिस्से से पानी की भारी आवक के चलते बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। हालात काबू में रखने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित सिंचाई विभाग ने धापेवाडा बैराज, संजय सरोवर और पुजारीटोला बांध के गेट खोलकर पानी का विसर्ग शुरू कर दिया है।
प्रशासन के मुताबिक धापेवाडा बैराज से आने वाले कुछ घंटों में नदी के नैसर्गिक प्रवाह में 2700 क्युमेक्स पानी छोड़ने की तैयारी की गई है। बैराज में पानी की आवक के हिसाब से यह विसर्ग की मात्रा कम या ज्यादा हो सकती है, और इसकी जानकारी प्रशासन समय-समय पर देता रहेगा।
जलाशयों से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने की वजह से नदी-नालों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने की आशंका है। इसी वजह से जिला प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। लोगों को फिलहाल नदी के किनारे, नालों और जलाशयों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। संबंधित विभागों को सुरक्षा के लिहाज से जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही निचले इलाकों के लोगों को समय पर स्थिति की जानकारी देने की हिदायत भी दी गई है।
संजय सरोवर बांध का उपयोगी जलसंग्रह 100 फीसदी यानी 410.610 दलघमी हो गया है। बांध का मौजूदा जलस्तर 519.380 मीटर दर्ज किया गया है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 26 सितंबर को दोपहर 12 बजे बांध के दो रेडियल गेट 0.30 मीटर तक खोले गए। इससे फिलहाल 96 क्युमेक्स यानी 3382 क्युसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।
पुजारीटोला बांध का जलस्तर 319.09 मीटर है, जबकि उपयोगी जलसंग्रह 87.78 फीसदी दर्ज किया गया है। जलस्तर में उतार-चढ़ाव के बाद शुक्रवार दोपहर 3 बजे विसर्ग में बदलाव किया गया। बांध के सभी आठ गेट 0.30 मीटर तक खोल दिए गए हैं, जिनसे फिलहाल 180 क्युमेक्स यानी 6356.70 क्युसेक पानी नदी में छोड़ा जा रहा है।