सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
07:35 IST

गोधनी क्लोरीन रिसाव: ठेकेदार और सप्लायर पर लापरवाही का केस दर्ज

नागपुर के गोधनी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 24 अगस्त को हुए क्लोरीन रिसाव के मामले में पुलिस ने एक ठेकेदार और क्लोरीन सप्लायर के खिलाफ केस दर्ज किया है।

नागपुर के गोधनी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में 24 अगस्त को क्लोरीन गैस का रिसाव हुआ था। इस मामले में पुलिस ने एक ठेकेदार और क्लोरीन गैस के एक सप्लायर के खिलाफ केस दर्ज किया है। बताया गया है कि जांच में सुरक्षा इंतजामों में गंभीर खामियां सामने आई थीं, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई।

रिसाव प्लांट के स्टैंडबाय 900 किलो के क्लोरीन टनर से हुआ था। जहरीली गैस फैलने से आसपास के इलाके में दहशत फैल गई और लोगों को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। बताया गया कि 50 से ज्यादा लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कई कुत्तों के मरने की भी खबर है, जो गैस की चपेट में आए थे।

पुलिस केस में जिन दो लोगों के नाम हैं, वे आरोपी हैं। इनमें 55 साल के मोहन आनंद का नाम है, जो पृथिपाल सिंह एंड कंपनी से जुड़े हैं। दूसरे आरोपी 50 साल के राजकुमार टाटेड हैं, जो पार्श्व एसोसिएट्स के मालिक हैं। क्लोरीन का टनर इसी फर्म ने सप्लाई किया था।

यह केस मानकापुर पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ है। शिकायत प्लांट से जुड़े डिप्टी मैकेनिकल इंजीनियर श्रीकांत कृष्ण बटुलवार ने की थी। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने खतरनाक गैस को संभालने और सप्लाई करने में पूरी सावधानी नहीं बरती। आरोप है कि इसी लापरवाही से रिसाव हुआ और आपात हालात बने।

जांच में प्लांट के क्लोरीन सुरक्षा इंतजामों में कई कमियां बताई गई हैं। कहा गया है कि वहां गैस सेंसर और अलार्म नहीं थे, ठीक से काम करने वाला न्यूट्रलाइजेशन सिस्टम नहीं था और सुरक्षा के पर्याप्त उपकरण भी नहीं थे। स्टैंडबाय टनर को खुले में रखा गया था, ऐसा भी बताया गया है।

टनर की वैधता जनवरी 2027 तक बताई गई है। यानी जांच का फोकस सुरक्षा इंतजामों और गैस को संभालने के तरीकों पर रहा है, सिर्फ इस पर नहीं कि गैस कंटेनर वैध था या नहीं।

यह जांच जिला कलेक्टर आशीर्वाद कुमार के आदेश पर शुरू हुई थी। उन्होंने घटना की जांच कराने को कहा था और निर्देश दिया था कि लापरवाही साबित हो तो आपराधिक कार्रवाई की जाए।

इस मामले से उन वाटर ट्रीटमेंट प्लांटों की सुरक्षा पर सवाल उठे हैं, जहां बेहद जहरीले केमिकल का इस्तेमाल होता है। ठेकेदारों और सप्लायरों की जवाबदेही का सवाल भी उठा है। पुलिस रिसाव के हालात और बताई गई खामियों की जांच कर रही है। प्लांट चलाने के लिए जिम्मेदार दूसरे लोगों पर आगे कार्रवाई होगी या नहीं, यह जांच के नतीजों पर निर्भर कर सकता है।

केमिकल के स्टोरेज, निगरानी और आपात इंतजामों में चूक हो तो पूरे मोहल्ले खतरे में आ सकते हैं।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे