गोधनी गैस रिसाव में ठेकेदार और टैंकर सप्लायर पर मानकापुर पुलिस ने दर्ज किया केस
गोधनी जलशुद्धीकरण केंद्र में क्लोरीन रिसाव के मामले में दो लोगों पर लापरवाही का आरोप है। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की है।
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नागपुर के गोधनी में बने जलशुद्धीकरण केंद्र पर क्लोरीन गैस रिसाव हुआ था। इस मामले में मानकापुर थाने की पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एक ठेकेदार है और दूसरा क्लोरीन टैंकर सप्लाई करने वाली फर्म का मालिक।
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक आरोपियों को क्लोरीन गैस के खतरों की जानकारी थी, फिर भी लापरवाही बरती गई। आरोप है कि इसी वजह से बड़े पैमाने पर गैस रिसी और आसपास रहने वाले लोगों की जान खतरे में पड़ गई।
जिन दो लोगों के नाम केस में आए हैं, उनमें पहले हैं ठेकेदार मोहन आनंद। उनकी उम्र 55 साल है और वे धरमपेठ के रहने वाले हैं। दूसरे हैं राजकुमार ताटेड, 50 साल, जो बुधवारी में रहते हैं। ताटेड क्लोरीन टैंकर सप्लाई करने वाली फर्म पार्श्व एसोसिएट्स के मालिक हैं।
घटना 24 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि की है। रिसाव करीब 12:30 से 1 बजे के बीच हुआ। इलाके के कई लोगों को सांस लेने में गंभीर तकलीफ हुई। प्रभावित लोगों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा और कुछ मरीजों को आईसीयू में रखना पड़ा। शिकायत में यह बात भी कही गई है कि गैस के असर से इलाके के कुछ कुत्तों की मौत हो गई।
हादसे की गंभीरता देखते हुए जिलाधिकारी ने, जो जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं, एक जांच समिति बनाई थी। पुलिस ने इसी समिति की जांच रिपोर्ट को आधार बनाकर कार्रवाई की है।
शिकायत के अनुसार केंद्र में रखे स्टैंडबाय क्लोरीन टैंकर से अचानक बड़ी मात्रा में गैस निकलने लगी। बताया गया है कि वह टैंकर जनवरी 2027 तक वैध था। इसके बावजूद टैंकर से गैस रिसी और हालात को काबू में रखने में कथित लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। पुलिस इस मामले की आगे जांच कर रही है।
घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और हालात संभालने में जुट गईं। घंटों की मशक्कत के बाद गैस का फैलाव रोका जा सका।
इस घटना के बाद स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी गुस्सा है। लोगों का आरोप है कि घनी आबादी के पास बने इतने संवेदनशील जल शोधन संयंत्र में सुरक्षा मानकों की अनदेखी हो रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। नागरिकों की मांग है कि ऐसी लापरवाह एजेंसियों और ठेकेदारों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई हो, ताकि आगे ऐसी जानलेवा घटनाएं दोबारा न हों।