गोधनी क्लोरीन गैस रिसाव: ठेकेदार और सिलिंडर सप्लायर पर लापरवाही का मामला दर्ज
जांच समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के बाद मानकापुर पुलिस ने एमजीपी के उपअभियंता की शिकायत पर केस दर्ज किया है।
नागपुर के गोधनी में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण (एमजीपी) के जलशुद्धीकरण केंद्र में हुए क्लोरीन गैस रिसाव के मामले में आखिरकार ठेकेदार और क्लोरीन गैस सिलेंडर सप्लायर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कार्रवाई की वजह जलशुद्धीकरण केंद्र और सिलेंडर की देखभाल में हुई लापरवाही बताई गई है। इसके अलावा गैस रिसने के बाद जो उपाय फौरन करने थे, उनमें भी देरी हुई।
जिलाधिकारी डॉ. कुमार आशीर्वाद ने इस घटना की जांच के लिए एक समिति बनाई थी। समिति की रिपोर्ट में इसी लापरवाही को दोषी ठहराया गया है, और उसी के आधार पर यह कार्रवाई हुई है।
समिति की सिफारिशों के बाद एमजीपी के उपअभियंता श्रीकांत बत्तुलवार ने शिकायत दी। उनकी शिकायत पर मानकापुर पुलिस ने केस दर्ज किया। केस 'प्रीथीपाल सिंह एंड कंपनी' के संचालक मोहन आनंद और क्लोरीन गैस सिलेंडर सप्लायर 'पार्व्ह एसोसिएट्स' के खिलाफ दर्ज हुआ है।
अब बात उस रात की। 23 और 24 अगस्त की दरमियानी रात करीब 12.45 बजे जलशुद्धीकरण केंद्र के टनर क्लोरीन सिलेंडर से अचानक जहरीली गैस रिसने लगी। पूरे इलाके में तेज बदबू फैल गई। गहरी नींद में सोए लोगों को अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी, जबकि छोटे बच्चों को उल्टियां शुरू हो गईं।
अचानक हुए इस हादसे से लोगों में भारी घबराहट फैल गई। खुद को बचाने के लिए कई लोगों को आधी रात में ही घर छोड़कर भागना पड़ा। जहरीली गैस की चपेट में आने से कई लोग प्रभावित हुए थे। इनमें से कुछ की हालत चिंताजनक होने की वजह से उन्हें अस्पताल के आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था।
घटना के बाद प्लांट के आसपास 200 मीटर तक का इलाका खाली करा दिया गया था। गैस रिसाव की वजह से चालीस से ज्यादा लोगों को मितली और उल्टियों की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके अलावा 15 से ज्यादा लोगों को सांस लेने में दिक्कत थी, और उनका इलाज भी अस्पताल में किया गया था।
इस तरह जांच समिति की रिपोर्ट में लापरवाही पर उंगली उठने के बाद अब ठेकेदार और सिलेंडर सप्लायर के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज हो गया है।