घर पर बना मसाला काढ़ा: नसों में जमी चरबी घटाने के लिए दालचीनी, इलायची, लौंग का नुस्खा
आयुर्वेदिक काढ़े की विधि और आहार में अलसी, चिया सीड्स व सौंफ शामिल करने की सलाह लेख में दी गई है।
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भारत समेत दुनिया के तमाम देशों में गंभीर बीमारियों के मरीजों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। लेख के मुताबिक बढ़ा हुआ वजन, बदली हुई लाइफस्टाइल, काम का बढ़ता तनाव, खान-पान में बदलाव और कम नींद जैसी बातों का असर शरीर पर जल्दी दिखने लगता है। हाथ-पैर में दर्द, जोड़ों में तकलीफ और लगातार थकान जैसी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं।
लेख में कहा गया है कि बदली हुई लाइफस्टाइल की वजह से जवान उम्र में भी अलग-अलग बीमारियां होने की गुंजाइश रहती है। इसलिए वक्त रहते सही इलाज लेकर शरीर का ख्याल रखना जरूरी बताया गया है। शरीर में फालतू चरबी का घेरा बढ़ने लगे तो कई तरह की बीमारियां हो सकती हैं।
लेख के अनुसार खराब कोलेस्ट्रॉल, डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियां लग जाने के बाद सेहत बिगड़ जाती है। पेट, जांघों या शरीर में फालतू चरबी बढ़ने पर भी कई बीमारियां होती हैं। इसी वजह से नसों में चिपकी हुई फालतू चरबी कम करने के लिए कुछ चीजों से बना काढ़ा पीने की बात कही गई है। लेख का दावा है कि महीने भर रोज काढ़ा पीने से पेट पर बढ़ा हुआ चरबी का घेरा घटने के साथ सेहत सुधारने में मदद मिलेगी।
आयुर्वेदिक काढ़ा बनाने की विधि लेख में इस तरह दी गई है। सबसे पहले पतीले में एक गिलास पानी गरम होने रखें। पानी में उबाल आने पर उसमें दालचीनी, बड़ी इलायची और कूटी हुई लौंग डालकर उबालें। एक उबाल आने के बाद गैस धीमी आंच पर कर दें। जब मसालों का अर्क पूरी तरह पानी में उतर जाए तो गैस बंद करके पानी छान लें।
लेख के मुताबिक यह तैयार पानी रोज सुबह खाली पेट या सुबह के नाश्ते में भी पिया जा सकता है। इसमें कहा गया है कि चाय-कॉफी की जगह हर्बल और आयुर्वेदिक चीजों से भरपूर ड्रिंक लेना चाहिए, इससे शरीर को काफी फायदे होते हैं। चाहें तो काढ़े में गुड़ या शहद भी मिलाकर पी सकते हैं।
आहार को लेकर लेख में कहा गया है कि नसों और जोड़ों को ठीक रखने के लिए खान-पान पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। रोज के खाने में अलग-अलग चीजें शामिल करने से सेहत सुधारने में मदद मिलेगी। लेख के अनुसार अलसी के बीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है, जबकि चिया सीड्स में आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स काफी मात्रा में मिलते हैं।
पाचन की दिक्कतों से राहत के लिए सौंफ चबाकर खाने की बात कही गई है, और लेख के मुताबिक सौंफ खाने से पाचन सुधरने में मदद होती है। हाथ-पैर दर्द, थकान, झनझनाहट और कमजोरी महसूस हो तो उसे नजरअंदाज किए बिना वक्त पर इलाज कराना चाहिए, ऐसा भी लेख में कहा गया है।
लेख के साथ दी गई टिप्पणी में साफ लिखा है कि यह सिर्फ आम जानकारी के लिए है और इसमें किसी इलाज का दावा नहीं किया गया है। कोई भी उपाय आजमाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह लेने को कहा गया है।