मंगलवार, 3 नवंबर 2026

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गंजाम के भंजनगर में भूस्खलन: मलबे में दबे लोगों की तलाश, घर जितने बड़े पत्थर बने रुकावट

गंजाम के भंजनगर में भूस्खलन: मलबे में दबे लोगों की तलाश, घर जितने बड़े पत्थर बने रुकावट तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

ओडिशा के गंजाम जिले के भंजनगर में भूस्खलन के बाद मलबे में फंसे लोगों को ढूंढने का काम जारी है। करीब 250 कर्मचारी और 100 मजदूर लगे हैं।

ओडिशा के गंजाम जिले के भंजनगर इलाके में भूस्खलन के बाद मलबे में दबे लोगों को ढूंढने के लिए बचाव काम चल रहा है। मलबे के नीचे कुछ लोगों के जिंदा होने की उम्मीद है, इसलिए उनका पता लगाने के लिए आधुनिक उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं। मौसम खराब होने के बावजूद बचाव टीमें सोमवार को पूरे दिन और देर रात तक जुटी रहीं। मंगलवार सुबह बचाव का काम फिर शुरू किया गया।

ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने बचाव काम की जानकारी देते हुए उम्मीद जताई कि लापता लोग सही-सलामत होंगे। उन्होंने बताया कि मलबे के नीचे जिंदगी के निशान खोजने के लिए नए और उन्नत उपकरणों का इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे महाप्रभु जगन्नाथ से प्रार्थना कर रहे हैं कि लापता लोग जल्दी मिल जाएं और उन्हें सुरक्षित निकाला जा सके।

ओडिशा फायर सर्विस और होमगार्ड के महानिदेशक सुधांशु सारंगी के मुताबिक बचाव अभियान गंजाम जिले के भंजनगर सबडिविजन में चल रहा है। लेकिन मौके पर पहुंचने के लिए कंधमाल जिले की तरफ से जाने वाला रास्ता लेना पड़ रहा है।

भूस्खलन में पहाड़ की मिट्टी की मोटी परतें और बहुत बड़े पत्थर खिसककर घरों पर आ गिरे। कुछ पत्थर घर जितने बड़े हैं, इसलिए उन्हें सीधे हटाना मुमकिन नहीं हो पा रहा। जब तक ये पत्थर एक तरफ नहीं किए जाते, मिट्टी का मलबा हटाना भी मुश्किल है।

मौके तक जाने वाला रास्ता संकरा और कीचड़ से भरा है, पैदल चलना भी कठिन है। इस वजह से बचाव टीमों को वहां पहुंचने में काफी वक्त लग रहा है। टीमों के रुकने का ठीक इंतजाम नहीं है, इसलिए सीमित समय काम करने के बाद उन्हें लौटना पड़ रहा है।

फायर सर्विस, रेलवे कर्मचारी, ओडिशा आपदा रैपिड एक्शन फोर्स (ओडीआरएएफ), ओडिशा पुलिस और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों समेत अलग-अलग एजेंसियों के करीब 250 कर्मचारी मौके पर तैनात हैं। उन्हें लगभग 100 मजदूरों की मदद मिल रही है।

इस हादसे में अब तक एक शव बाहर निकाला जा चुका है, जिसकी पहचान परिवार वालों ने कर ली है। परिवार की गुजारिश पर अंतिम संस्कार भी कर दिया गया। एक और शव दिखा है, पर उस पर बहुत ज्यादा मिट्टी जमी होने से उसे अभी बाहर नहीं निकाला जा सका है। इस बीच बचाव टीमें इस आशंका और उम्मीद के साथ तलाश कर रही हैं कि मलबे के नीचे कुछ और लोग जिंदा हो सकते हैं। सारंगी ने कहा कि बचाव काम में जैसी प्रगति होगी, आगे की जानकारी दी जाएगी।

यह भीषण भूस्खलन 28 अक्टूबर को गंजाम जिले के गिदिपाबली गांव में हुआ था। उस वक्त चक्रवात 'अर्नब' की वजह से असामान्य बारिश हो रही थी। हादसे के बाद करीब 13 लोगों के लापता होने की जानकारी दी गई थी, और बचाव टीमें उन्हें ढूंढने में पूरी ताकत लगा रही हैं।

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