सुपारी तस्करी के हजारों करोड़ के खेल में नागपुर का टिक्कू गिरफ्तार
इंडोनेशियाई सुपारी की बांग्लादेशी बताकर बिक्री, कोलकाता डीआरआई की कार्रवाई, सुपारी बाजार में हड़कंप, कई कारोबारियों की बढ़ी बेचैनी
नागपुर.
मूंगफली से लेकर सुपारी के कारोबार तक अपनी पहचान बनाने वाले नागपुर के कारोबारी टिक्कू उर्फ जयेश पंचमतिया का नाम अब कथित अंतरराष्ट्रीय सुपारी तस्करी नेटवर्क से जुड़ने के बाद शहर के व्यापारिक जगत में खलबली मच गई है. इंडोनेशिया से सुपारी मंगाकर उसे बांग्लादेश की कृषि उपज बताने और भारत में खपाने के कथित हजारों करोड़ रुपये के खेल में डीआरआई ने करोड़पति गली, सिविल लाइंस निवासी 55 वर्षीय टिक्कू को गिरफ्तार किया है. उसकी गिरफ्तारी के बाद नागपुर के सुपारी बाजार में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. सूत्रों के मुताबिक, इस नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे कुछ कारोबारी शहर से गायब हैं.
105 फीसदी कस्टम ड्यूटी से बचने का खेल
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल है कि आखिर इंडोनेशिया की सुपारी को बांग्लादेशी बताने की जरूरत क्यों पड़ी. सूत्रों के अनुसार, इंडोनेशियाई सुपारी के आयात पर भारत में करीब 105 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती है. दूसरी ओर, बांग्लादेश से आयात पर रियायती है. जांच एजेंसी को संदेह है कि इसी व्यवस्था का कथित दुरुपयोग कर सुपारी की उत्पत्ति और आयात संबंधी दस्तावेजों में हेराफेरी की गई. आरोप है कि इंडोनेशिया से सुपारी पहले बांग्लादेश पहुंचाई जाती थी। इसके बाद कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसे बांग्लादेश की कृषि उपज बताया जाता था. फिर कोलकाता के रास्ते सुपारी की खेप देश के अलग-अलग शहरों में पहुंचाई जाती थी. इस पूरे खेल में कस्टम ड्यूटी से बचने और भारतीय बाजार में सुपारी खपाने का नेटवर्क काम कर रहा था.
बांग्लादेश की फर्म से नागपुर तक कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक बांग्लादेश की बालाजी इंटरनेशनल नामक फर्म इस कारोबार की महत्वपूर्ण कड़ी बताई जा रही है. आरोप है कि इस फर्म के माध्यम से इंडोनेशियाई सुपारी मंगाकर उसे कथित रूप से बांग्लादेशी माल के तौर पर भारतीय बाजार तक पहुंचाया जाता था. टिक्कू उर्फ जयेश के साथ, अनिस, टिंकू, अन्ना, सन्नी सहित शहर के कुछ सुपारी कारोबारी इस नेटवर्क से जुड़ी सुपारी की खरीदी-बिक्री करते थे. हालांकि, संबंधित कारोबारियों की भूमिका और उनके लेन-देन की वास्तविक प्रकृति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी. स्मगलिंग से जूड़े व्यापारियों की वजह से सुपारी का अधिकृत कारोबार करनेवाले व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है.
कोलकाता से इंदौर तक कार्रवाई, नौ कारोबारी गिरफ्तार!
कथित तौर पर कई वर्षों से चल रहे इस नेटवर्क की भनक डीआरआई को लगने के बाद जांच शुरू की गई. सूत्रों के अनुसार जांच में देश के अलग-अलग शहरों के कारोबारियों के नाम सामने आए. इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया और डीआरआई की इंदौर इकाई ने टिक्कू को पूछताछ के लिए तलब किया. इंदौर में पूछताछ के बाद उसे कोलकाता डीआरआई को सौंपा गया. उसने पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया. सूत्रों का दावा है कि इस मामले में अब तक नौ कारोबारियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. खुशी चौधरी नामक व्यापारी दो माह बाद जमानत पर रिहा हुआ है. कथित नेटवर्क का सूत्रधार कोलकाता का दिनेश अग्रवाल को बताया जा रहा है. जो अभी जांच एजेंसी की गिरफ्त से बाहर है. टिक्कू की गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसी की नजर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य कारोबारियों और उनके वित्तीय लेन-देन पर है. नागपुर के सुपारी बाजार में बढ़ती बेचैनी के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस कथित नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और जांच आगे बढ़ने पर किन-किन लोगों के नाम सामने आते हैं.
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