एसटी कर्मचारियों की बकाया रकम के लिए फडणवीस ने फंड का भरोसा दिया: श्रीरंग बरगे
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महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एसटी कर्मचारियों की बकाया रकम चुकाने के लिए जरूरी फंड देने का आश्वासन दिया है।
महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल (एसटी) के कर्मचारियों की बकाया रकम चुकाने के लिए जरूरी फंड उपलब्ध कराने का साफ आश्वासन मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दिया है। यह जानकारी महाराष्ट्र एसटी कर्मचारी कांग्रेस के महासचिव श्रीरंग बरगे ने शुक्रवार को मुंबई में दी।
बरगे के मुताबिक, वे गुरुवार (29 अक्टूबर 2026) की रात दादर में एक कार्यक्रम के दौरान फडणवीस से मिले। वहां उन्होंने एसटी कर्मचारियों के बकाया भुगतान को लेकर अपनी परेशानी मुख्यमंत्री के सामने रखी। बरगे ने बताया कि इसके बाद मुख्यमंत्री ने जरूरी फंड देने का साफ आश्वासन दिया।
बरगे ने कहा कि कर्मचारियों की वेतन से जुड़ी बकाया रकम, भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी और दूसरी बकाया राशि अटकी हुई है। दिवाली से पहले जरूरी फंड देने में सरकार की तरफ से देरी हो रही है, यह बात मुख्यमंत्री को दिए गए निवेदन में बताई गई।
बरगे ने दावा किया कि एसटी महामंडल ने अक्टूबर महीने का वेतन और दूसरी बकाया रकम चुकाने के लिए राज्य सरकार से 1354.54 करोड़ रुपये मांगे थे। लेकिन असल में सिर्फ 391 करोड़ रुपये ही दिए गए, जिससे महामंडल की आर्थिक दिक्कतें बढ़ गईं।
उन्होंने बताया कि पिछले दो से तीन साल की कर्मचारियों की 5,740 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम बकाया है। इसमें भविष्य निधि और ग्रेच्युटी के लिए संबंधित ट्रस्ट के पास जमा न हुए करीब 3,350 करोड़ रुपये भी शामिल हैं, ऐसा बरगे ने कहा।
बरगे के अनुसार, वेतन वृद्धि के अंतर के लिए सरकार ने 597.12 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं, लेकिन यह रकम अभी तक महामंडल को मिली नहीं है। निवेदन में उन्होंने लिखा कि एसटी का जमा घाटा बढ़ रहा है और उम्मीद के मुताबिक यात्रियों से आमदनी नहीं हो रही, इसलिए महामंडल को रोजमर्रा का आर्थिक कामकाज संभालना मुश्किल हो रहा है। साथ ही कर्मचारियों के वेतन, पीएफ, ग्रेच्युटी और दूसरे भुगतानों की बकाया रकम बढ़ती जा रही है।
इन सभी मामलों के लिए जरूरी फंड दिया जाएगा, ऐसा मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा, यह बात बरगे ने बताई। इस मौके पर राहुल माने, अमोल पोळ, अमृत पवार, औदुंबर कुंभारकर और कुछ दूसरे लोग मौजूद थे।
अब कर्मचारियों की नजर इस पर है कि मुख्यमंत्री के आश्वासन पर असल में अमल कब होगा और कितना फंड दिया जाएगा।
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