गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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17:22 IST

एनडीआरएफ जवानों और परिवारों की मानसिक सेहत के लिए 'प्रोजेक्ट निर्मल' शुरू

एनडब्ल्यूडब्ल्यूए और एम्पॉवर ने सामंजस्य करार पर दस्तखत किए हैं। जवानों और उनके परिवारों को काउंसलिंग, मानसिक जांच और 24 घंटे हेल्पलाइन मिलेगी।

एनडीआरएफ जवानों और परिवारों की मानसिक सेहत के लिए 'प्रोजेक्ट निर्मल' शुरू तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

एनडीआरएफ के जवानों और उनके परिवारों की मानसिक सेहत का ख्याल रखने के लिए 'प्रोजेक्ट निर्मल' नाम की नई पहल शुरू की गई है। एनडीआरएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन (एनडब्ल्यूडब्ल्यूए) ने इसके लिए एम्पॉवर के साथ सामंजस्य करार (एमओयू) पर दस्तखत किए हैं। एम्पॉवर पैन-इंडिया मानसिक स्वास्थ्य सेवा देने वाली संस्था है, जिसे आदित्य बिर्ला एजुकेशन ट्रस्ट (एबीईटी) के तहत श्रीमती नीरजा बिर्ला ने शुरू किया था।

यह पहल मेंटल हेल्थ एंड साइकोसोशल सपोर्ट (एमएचपीएसएस) के नाम से देशभर के एनडीआरएफ जवानों और उनके परिवारों के लिए तैयार की गई है। आपदा के वक्त एनडीआरएफ के बचावकर्मियों पर भारी तनाव रहता है, शारीरिक चुनौतियां सामने होती हैं और अचानक तैनाती भी करनी पड़ती है। इन्हीं बातों को देखते हुए इस साझेदारी का मकसद है कि पेशे से जुड़े तनाव को संभाला जाए और मानसिक सेहत को लेकर समाज में जो कलंक की भावना है, उसे दूर किया जाए।

'प्रोजेक्ट निर्मल' में मानसिक सेहत पर जागरूकता सत्र होंगे और नियमित मानसिक जांच होगी। इसके अलावा अकेले और ग्रुप में काउंसलिंग, टेली-काउंसलिंग, क्राइसिस इंटरवेंशन, आत्महत्या की रोकथाम और जरूरी सहारा भी इसमें शामिल है। यानी यह एक पूरी केयर व्यवस्था है, जो लगातार चलती रहेगी।

पूरे भारत में पहुंच बनाने के लिए अहम क्षेत्रीय केंद्रों में हब-आधारित टीमें बनाई जाएंगी। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चलाई जाने वाली 24/7 बहुभाषी हेल्पलाइन होगी। इससे जवानों और उनके परिवार के सदस्यों को चौबीसों घंटे मार्गदर्शन मिल सकेगा।

एनडब्ल्यूडब्ल्यूए की प्रेसिडेंट श्रीमती प्रीती आनंद ने कहा, "दल का मनोबल, तैयारी और कुल मिलाकर जवाबी कार्रवाई की असरदारी बनाए रखने के लिए बचावकर्मियों और उनके परिवारों की भावनात्मक सेहत को प्राथमिकता देना जरूरी है।"

आदित्य बिर्ला एजुकेशन ट्रस्ट और एम्पॉवर की फाउंडर व चेयरपर्सन श्रीमती नीरजा बिर्ला ने इस पहल पर कहा, "मानसिक स्वास्थ्य सीधे जवाबी कार्रवाई करने वाली व्यवस्था की ताकत का अभिन्न हिस्सा है, यह पहचानने के लिए हम एनडीआरएफ की दिल से सराहना करते हैं। 'प्रोजेक्ट निर्मल' के जरिए एम्पॉवर, एनडीआरएफ वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर अग्रिम मोर्चे के कर्मचारियों और एनडीआरएफ के परिवारों को संरचित मानसिक स्वास्थ्य सहायता देने की दिशा में अहम कदम उठा रही है।"

उन्होंने आगे कहा कि यह सहयोग एम्पॉवर के देशव्यापी विज़न की शुरुआत को दिखाता है। इसके जरिए चौबीस घंटे देश की सेवा करने वालों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सेवा को व्यवस्थित तरीके से संस्थागत रूप देने और एकीकृत मानसिक स्वास्थ्य सहायता सिस्टम बनाने का काम किया जा रहा है।

एम्पॉवर के पास केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा दल (सीआईएसएफ), केंद्रीय रिज़र्व पुलिस दल (सीआरपीएफ) और पूरे महाराष्ट्र के पुलिस दलों समेत भारत की वर्दीधारी और अग्रिम पंक्ति की सेवाओं के साथ काम करने का व्यापक अनुभव है। अति-तनाव वाले माहौल में मानसिक स्वास्थ्य काउंसलिंग और मनोसामाजिक सहारा देने का अनुभव भी उसके पास है।

सीआईएसएफ के साथ 'प्रोजेक्ट मन' जैसी लंबी अवधि की पहल के जरिए एम्पॉवर ने ऐसा संस्थागत तरीका विकसित किया है, जिसमें जागरूकता, वक्त पर पहचान, काउंसलिंग, क्षमता निर्माण और पेशेवर मदद की उपलब्धता एक साथ आती है। इस अनुभव से साफ हुआ है कि मानसिक स्वास्थ्य सिर्फ संकट के वक्त तात्कालिक राहत तक सीमित न रहे, बल्कि जवानों के लिए सपोर्ट इकोसिस्टम का अभिन्न और टिकाऊ हिस्सा बने, यह जरूरी है।

इसी अनुभव के आधार पर एम्पॉवर का 'प्रोजेक्ट निर्मल' समाज और देश की रक्षा में अहम भूमिका निभाने वाले फ्रंटलाइन वर्कर्स और उनके परिवारों की मानसिक सेहत को व्यवस्थित तरीके से मजबूत करने के एम्पॉवर के पूरे भारत के नजरिए का पहला कदम है।

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