एक ही ट्रिप में सिंगापुर और मलेशिया घूमने का आसान प्लान
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भारत से सिंगापुर और मलेशिया को एक ही छुट्टी में जोड़ना आसान है। रूट, ठहराव, दस्तावेज और खर्च की बातें पहले तय कर लें।
भारत से छुट्टियों पर निकलने वालों के लिए सिंगापुर और मलेशिया को एक साथ जोड़ना आसान है। सिंगापुर में समंदर किनारे का नज़ारा, रौनक वाले मोहल्ले और सलीके से बने बगीचे मिलते हैं। उसके बाद मलेशिया में भीड़ भरे बाज़ार, पुरानी गलियां और वहां का लोकल खाना आपका इंतज़ार करता है।
दोनों देशों का अनुभव अलग-अलग है, फिर भी इसके लिए दो अलग छुट्टियां प्लान करने की ज़रूरत नहीं पड़ती। असली बात यह है कि समझदारी से रूट चुनें, शहरों के बीच सफर के लिए पूरा वक्त रखें और हर दिन में बहुत सारी चीज़ें ठूंसने से बचें।
बुकिंग से पहले रूट तय कर लें। सिंगापुर मलेशिया के कई पैकेज सिंगापुर से शुरू होकर कुआलालंपुर में खत्म होते हैं। इस रूट में आप एक देश में पहुंचते हैं और दूसरे देश से घर की फ्लाइट पकड़ते हैं, यानी शुरुआती जगह पर लौटना नहीं पड़ता। फैसला करने से पहले अपने नज़दीकी भारतीय एयरपोर्ट से फ्लाइट की तुलना कर लें।
दोनों देशों के बीच आप फ्लाइट से जा सकते हैं या सड़क से भी। सड़क के सफर में बॉर्डर की जांच और आगे के कनेक्शन के लिए अलग से वक्त चाहिए। ट्रांसफर वाले दिन को हल्का रखें और पहुंचते ही घूमने का प्रोग्राम न जोड़ें।
सिंगापुर में आराम से घूमें। मरीना बे से शुरुआत करें, जहां शाम की सैर में समंदर किनारे के बढ़िया नज़ारे मिलते हैं। मरलायन पार्क जाएं, बगीचों में वक्त बिताएं और खाने व रंग-बिरंगी गलियों के लिए चाइनाटाउन या लिटिल इंडिया देखें।
बीच पसंद हैं तो सेंटोसा के लिए वक्त निकालें। परिवार वाले बच्चों के हिसाब की जगहें चुन सकते हैं, जबकि कपल्स पानी किनारे धीमी शामें पसंद कर सकते हैं।
अक्टूबर में भारत से बाहर घूमने की बेहतरीन जगहें खोजने वाले अपनी लिस्ट में सिंगापुर और मलेशिया को रख सकते हैं। दोनों जगह गर्मी और उमस रहती है और बारिश की भी संभावना रहती है। इसलिए छाता साथ रखें और दिन के प्लान में थोड़ी गुंजाइश छोड़ें।
मलेशिया में कुआलालंपुर अच्छी शुरुआत है। वहां के बाज़ारों में घूमें, बटू केव्स देखें और शाम ढलने के बाद शहर की स्कायलाइन का मज़ा लें। नasi lemak से लेकर roti canai तक, लोकल पकवान ज़रूर चखें।
वक्त हो तो पुरानी गलियों और नदी किनारे की सैर के लिए मेलाका जोड़ लें। चाय के बागानों और ठंडे मौसम के लिए कैमरन हाईलैंड्स भी जा सकते हैं। छुट्टी छोटी हो तो सिर्फ एक अतिरिक्त पड़ाव चुनें।
होटल का पैसा देने से पहले पासपोर्ट की वैलिडिटी, सिंगापुर के वीज़ा नियम और दोनों देशों के अराइवल फॉर्म की जानकारी पक्की कर लें। जिस देश में वीज़ा-फ्री एंट्री मिलती है, वहां भी नियम बदल सकते हैं।
कुछ व्यावहारिक बातें लिस्ट में रखें। फ्लाइट, होटल, ट्रांसफर और घूमने की टिकटों का पूरा खर्च जोड़कर तुलना करें। ठहरने की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट के पास या उन इलाकों के पास बुक करें, जहां आपको घूमना है। थोड़ी लोकल करेंसी साथ रखें और जाने से पहले पेमेंट के विकल्प देख लें।
कुल मिलाकर, सिंगापुर और मलेशिया की मिली-जुली ट्रिप तब सबसे अच्छी रहती है जब होटल बदलने में कम और हर जगह का मज़ा लेने में ज़्यादा वक्त जाए। सिंगापुर के शहर से शुरू करें, फिर कुआलालंपुर जाएं और दिन काफी हों तभी मलेशिया में एक और पड़ाव जोड़ें। दस्तावेज और ट्रांसफर पहले से प्लान करें, पर किसी अनजाने कैफे, आराम से बाज़ार घूमने या एक और शाम की सैर के लिए जगह छोड़ें। अक्सर यही छोटे पल घर लौटकर यादें बन जाते हैं।
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