मिरे असेट का नया लाइफ साइकल फंड 2056 लॉन्च, SIP सिर्फ 99 रुपये महीने से शुरू
मिरे असेट म्युच्युअल फंड ने 2056 में मैच्योर होने वाला नया फंड उतारा है। NFO 12 अक्टूबर 2026 तक खुला है।
पैसे लगाने वालों के लिए एक नया ऑप्शन आया है। मिरे असेट म्युच्युअल फंड ने अपना नया फंड लॉन्च किया है, जिसका नाम मिरे असेट लाइफ साइकल फंड 2056 है। यह फंड सबसे लंबी अवधि वाला फंड है और 2056 में मैच्योर होगा, यानी अगले 30 साल तक इसमें पैसा लगाया जा सकता है।
इस फंड की सबसे बड़ी खासियत यह है कि निवेशक को खुद कुछ करने की जरूरत नहीं पड़ती। फंड अपने आप रिस्क कम करता जाता है। इसके लिए इसमें ग्लाइड पाथ नाम का तरीका रखा गया है।
ग्लाइड पाथ के हिसाब से शुरू के 15 साल निवेशक का ज्यादातर पैसा इक्विटी में रहेगा। 65 से 95 टक्के पैसा शेयर बाजार में लगा रहेगा, ताकि ग्रोथ अच्छी मिले। जैसे-जैसे 2056 पास आएगा, फंड अपने आप इक्विटी से पैसा निकालकर डेट और आर्बिट्राज में डालता जाएगा। आखिरी 3 साल में सिर्फ 5 से 25 टक्के पैसा ही इक्विटी में बचेगा और रिस्क काफी कम हो जाएगा। शुरुआत में लार्ज कैप और मिड-स्मॉल कैप 50-50 रहेंगे। बाद में धीरे-धीरे यह 80-20 हो जाएगा, यानी लार्ज कैप ज्यादा रहेगा।
इस फंड का NFO 28 सितंबर 2026 को शुरू हुआ है और 12 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। उसके बाद 21 अक्टूबर से फिर इसमें पैसा डाला जा सकेगा। NFO में कम से कम 5000 रुपये लगाने होंगे। लेकिन SIP सिर्फ 99 रुपये महीने से शुरू हो जाती है। उसके बाद इसे 1 रुपये के हिसाब से बढ़ाया जा सकता है।
यह मल्टी अॅसेट फंड है। इसका बेंचमार्क निफ्टी 500 TRI 65 टक्के, निफ्टी शॉर्ट ड्यूरेशन डेट 25 टक्के, सोना 7.5 टक्के और चांदी 2.5 टक्के है। पैसा इक्विटी, डेट, सोना, चांदी, InvIT और आर्बिट्राज, सब जगह लगाया जाएगा। फंड को तीन मैनेजर संभालेंगे। हर्षद बोरवाके इक्विटी देखेंगे, बसंत बाफना डेट देखेंगे और रितेश पटेल सोना-चांदी देखेंगे।
मिरे असेट के हेड वैभव शाह ने कहा, "सेबी ने लाइफ साइकल फंड की नई कैटेगरी लाई, उसका हम स्वागत करते हैं। इससे लोग अपना लक्ष्य तय करके निवेश कर सकेंगे। हमने 2056 का साल इसलिए चुना कि अगले 30 साल में इंसान की जिंदगी की सारी बड़ी चीजें होती हैं। बच्चे की पढ़ाई, शादी, घर खरीदना और आखिर में रिटायरमेंट। यह फंड इन सबके लिए मदद करेगा। आप SIP से पैसा डालिए और बाद में SWP से निकालिए।"
फंड मैनेजर हर्षद बोरवाके ने कहा, "शुरुआती दौर में इक्विटी ही ग्रोथ का इंजन होती है। वक्त ज्यादा हो तो कंपाउंडिंग का फायदा ज्यादा मिलता है। हम सही कीमत और वैल्यूएशन देखकर इक्विटी चुनेंगे।"
पैसे निकालने पर चार्ज भी लगेगा। एक साल के अंदर निकालने पर 3 टक्के एक्झिट लोड लगेगा। एक से दो साल में निकालने पर 2 टक्के और दो से तीन साल में 1 टक्का। तीन साल के बाद पैसा निकालने पर कोई चार्ज नहीं है। जो लोग 30 साल के लंबे वक्त के लिए निवेश करना चाहते हैं और हर महीने थोड़ा-थोड़ा पैसा डालना चाहते हैं, उनके लिए यह फंड अच्छा ऑप्शन है।