सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

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ईरान अमेरिकी अधिकारियों को बना रहा निशाना, खुफिया चेतावनी के बाद वॉशिंगटन अलर्ट

अमेरिकी खुफिया विभाग ने चेताया है कि ईरान अमेरिकी अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाने की साजिश रच रहा है। मध्यपूर्व में दूतावासों का स्टाफ घटाया जा रहा है।

ईरान अमेरिकी अधिकारियों को बना रहा निशाना, खुफिया चेतावनी के बाद वॉशिंगटन अलर्ट तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

ईरान पर अमेरिका और इस्रायल के एक बार फिर बड़ा हमला करने की चर्चा चल ही रही थी कि अमेरिकी खुफिया विभाग को एक और अहम बात का पता चला। विभाग ने फौरन अमेरिकी सरकार को संदेश भेजा और अमेरिका तुरंत हरकत में आ गया। खुफिया जानकारी मिली है कि ईरान की तरफ से अमेरिकी अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाने की साजिशें रची जा रही हैं। इसके बाद वॉशिंगटन में हड़कंप मच गया है।

अमेरिका के राष्ट्रीय खुफिया निदेशक जे क्लेटर ने 23 अक्टूबर को विदेश मंत्री मार्को रुबियो को एक नोट भेजा। इसमें उन्होंने ईरान की संभावित कार्रवाइयों को लेकर गंभीर चेतावनी दी। खुफिया जानकारी के मुताबिक ईरान ने जानबूझकर अमेरिकी कर्मचारियों को टारगेट करने की कोशिशें बढ़ा दी हैं, और कुछ जानलेवा साजिशों पर काम शुरू भी हो चुका है।

यह भी पता चला है कि ये टारगेट सिर्फ मध्यपूर्व तक सीमित नहीं हैं। कुछ दूसरे देशों में भी अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाने की कोशिशें चल रही हैं। हालांकि कौन सी जगहें और कौन से लोग निशाने पर हैं, यह अभी तक सामने नहीं आया है।

खुफिया जानकारी मिलते ही अमेरिका ने अपने दफ्तरों की सुरक्षा और कड़ी कर दी है। सऊदी अरब की राजधानी रियाध के दूतावास और जेद्दाह व धहरान के वाणिज्य दूतावासों में गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा जॉर्डन, लेबनान, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में भी कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है। इन चारों देशों में दूतावास सीमित कामकाज के साथ चालू रहेंगे।

आने वाले हमलों के खतरे को देखते हुए अमेरिका ने मध्यपूर्व के अपने राजनयिक दफ्तरों में स्टाफ कम करना शुरू कर दिया है। इस फैसले से पूरे मध्यपूर्व की सुरक्षा का सवाल फिर खड़ा हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि ईरान ने अपनी चाल चलनी शुरू कर दी है। उनके मुताबिक अमेरिका जानता है कि मध्यपूर्व में वह कहीं भी छिपने की कोशिश करे, ईरान की मिसाइलें और ड्रोन वहां तक पहुंच सकते हैं। पिछले कुछ समय की लड़ाइयों में अमेरिका यह सीधे तौर पर देख भी चुका है।

ईरान के साथ-साथ यमन के हूथियों के बढ़ते हमलों से भी अमेरिका की चिंता बढ़ी है। सऊदी अरब के तेल प्रोजेक्ट, एयरपोर्ट और दूसरी अहम जगहों को टारगेट किया जा रहा है। सभी खाड़ी देशों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अगर ईरान बातचीत के लिए तैयार नहीं हुआ तो अमेरिका फिर जोरदार हमला करेगा। इसी वजह से दोनों देशों के बीच टकराव के दोबारा भड़कने की आशंका गहरा गई है।

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