गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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दुबले-पतले लोगों को भी फैटी लिवर का खतरा, डॉ. एस.के. सरीन ने बताया

दुबले-पतले लोगों को भी फैटी लिवर का खतरा, डॉ. एस.के. सरीन ने बताया तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सेहत PT24 टीम

नई दिल्ली में हुए हेल्थ समिट में लिवर विशेषज्ञ डॉ. एस.के. सरीन ने कहा कि फैटी लिवर सिर्फ मोटे लोगों की बीमारी नहीं है।

क्या फैटी लिवर की बीमारी सिर्फ मोटे लोगों को ही होती है? नई दिल्ली में हुए 'Times Network India Health Summit & Awards 2026' में जाने-माने विशेषज्ञ डॉ. एस.के. सरीन ने इस धारणा को गलत बताया। डॉ. सरीन 'इंस्टिट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज' (ILBS) के निदेशक हैं। उनके मुताबिक जो लोग देखने में दुबले-पतले हैं, उन्हें भी फैटी लिवर का गंभीर खतरा हो सकता है।

डॉ. सरीन ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि फैटी लिवर सिर्फ मोटे या भारी शरीर वालों को होता है, तो यह पूरी तरह गलत है। इस कार्यक्रम में उन्होंने लिवर की सेहत को लेकर कई अहम बातें रखीं।

डॉ. सरीन ने जानकारी दी कि साल 2024 में दिल्ली में 6,200 लोगों पर एक खास सर्वे किया गया था। इस जांच में सामने आया कि जो लोग देखने में बेहद दुबले थे, उनके लिवर में भी चर्बी जमा मिली। यानी वजन सामान्य या कम होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं कि लिवर पूरी तरह स्वस्थ है।

डॉ. सरीन के अनुसार भारत में करीब 40 प्रतिशत लोगों के लिवर में फैट जमा होने की आशंका है। इसी वजह से उन्होंने सलाह दी कि हर व्यक्ति साल में कम से कम एक बार, अपने जन्मदिन पर, लिवर की सेहत की जांच जरूर करवाए।

लिवर की बिगड़ती सेहत के पीछे खान-पान की आदतों की बड़ी भूमिका है, ऐसा डॉ. सरीन ने बताया। उन्होंने कहा कि ज्यादा कैलोरी, चीनी और कार्बोहाइड्रेट खाने से लिवर में फैट बढ़ने लगता है। मीठी चीजें और जरूरत से ज्यादा खाने की आदत से सेहत की दिक्कतें गंभीर हो जाती हैं। उनका कहना था कि सिर्फ वजन घटाना काफी नहीं है, रोज के खाने और जीवनशैली में बड़े बदलाव जरूरी हैं।

चाय और कॉफी पर बात करते हुए डॉ. सरीन ने कहा कि आजकल कई लोग काम के तनाव और थकान से राहत पाने के लिए इनका बहुत ज्यादा सेवन करते हैं। उनके मुताबिक कॉफी लिवर के लिए कुछ हद तक फायदेमंद हो सकती है, लेकिन उसे दवा या थकान भगाने का जरिया नहीं मानना चाहिए। कॉफी हमेशा उसके स्वाद का मजा लेने के लिए पीनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि काम के दौरान लगातार बैठे रहने के बजाय थोड़ी देर टहलना तनाव घटाने का अच्छा तरीका है।

रात में देर से खाने की आदत पर भी डॉ. सरीन ने गहरी चिंता जताई। उनका कहना था कि देर रात का भारी खाना लिवर और पूरे शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह है। उन्होंने सलाह दी कि रात का खाना हल्का होना चाहिए और सोने से पहले शरीर को खाना पचाने के लिए पूरा वक्त मिलना चाहिए।

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