दिवेआगार हादसे पर मुख्यमंत्री को पत्र, कोचिंग क्लास की सहलों के लिए सख्त SOP की मांग
ग्लोबल पेरेंट्स टीचर असोसिएशन ने मुख्यमंत्री को दो पन्नों का पत्र भेजकर कोचिंग क्लास की सहलों के लिए सख्त SOP और क्लास चालक पर कार्रवाई की मांग की है।
रायगड के दिवेआगार में एक प्राइवेट कोचिंग क्लास की सहल के दौरान पुणे के 8 विद्यार्थियों की समंदर में डूबकर मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद पालक संगठन गुस्से में हैं। प्राइवेट क्लास की इन सहलों को लेकर उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और कई मांगें रखी हैं।
मुंबई की ग्लोबल पेरेंट्स टीचर असोसिएशन के अध्यक्ष रोहित श्यामसुंदर दंडवते ने मुख्यमंत्री को दो पन्नों का पत्र भेजा है। इसमें उन्होंने मांग की है कि प्राइवेट सहलों के लिए सख्त नियमावली (SOP) लागू की जाए।
पत्र में दंडवते ने कहा है कि स्कूल और कॉलेज की सहलों के लिए शिक्षा विभाग की नियमावली लागू होती है। लेकिन लाखों रुपये फीस लेने वाले प्राइवेट कोचिंग क्लासेस की सहलों पर किसी का कंट्रोल नहीं है। सहल की प्लानिंग, इजाज़त और विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर कोई ठीक इंतज़ाम नहीं है, यह मुद्दा उन्होंने पत्र में उठाया है।
उन्होंने दिवेआगार के हादसे का ज़िक्र किया है। साथ ही मुरूड में पहले हुई 14 विद्यार्थियों की मौत की भी याद दिलाई है। उनकी मांग है कि ऐसे हादसे दोबारा न हों, इसके लिए सरकार फौरन कदम उठाए।
निवेदन में यह भी मांग की गई है कि दिवेआगार हादसे के लिए जिम्मेदार कोचिंग क्लास चालक पर सदोष मनुष्यवध का मामला दर्ज किया जाए और उस क्लास की मान्यता रद्द की जाए। पालक संगठन ने कहा है कि इस मामले में जिम्मेदारी तय करके ठीक कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
ग्लोबल पेरेंट्स टीचर असोसिएशन की तरफ से एक और मांग रखी गई है। प्राइवेट कोचिंग क्लास की सहलों के लिए अलग और सख्त SOP बने। समुद्र किनारे, बांध और किले जैसी जगहों पर विद्यार्थियों को ले जाने से पहले संबंधित विभाग की इजाज़त लेना ज़रूरी किया जाए।
दंडवते ने अपील की है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के सवाल को गंभीरता से लेकर राज्य सरकार फौरन फैसला करे। संगठन ने चेतावनी भी दी है कि अगर आने वाले 15 दिनों में प्राइवेट कोचिंग क्लास की सहलों के लिए सख्त SOP लागू नहीं हुआ, तो हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की जाएगी।
असोसिएशन का कहना है कि क्लास की सहल की प्लानिंग करते वक्त विद्यार्थी की सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना ज़रूरी है। आगे ऐसे हादसे न हों, इसके लिए साफ नियम हों, जिम्मेदारी तय करने वाला सिस्टम हो और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान हो, यह संगठन की भूमिका है।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।