दिवेआगर हादसे के बाद आलंदी में विनर्स अकॅडमी सील, बिना परमिशन चल रहा था कोचिंग क्लास
आलंदी नगरपरिषद ने बिना व्यवसाय परवाना और NOC के चल रही विनर्स अकॅडमी की इमारत पुलिस बंदोबस्त में सील कर दी।
दिवेआगर में सैर के लिए गए आलंदी के आठ विद्यार्थियों की समुद्र में डूबने से मौत हो गई थी। इस भयानक हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। आलंदी नगरपरिषद ने शहर के अनधिकृत कोचिंग क्लासेस और दूसरी आस्थापनाओं की जांच शुरू कर दी है।
इसी कार्रवाई में दिवेआगर हादसे के विद्यार्थियों से जुड़ी 'विनर्स अकॅडमी' को सीधे सील कर दिया गया। नगरपरिषद के विशेष पथक ने इमारत का मुआयना किया तो पता चला कि अकॅडमी के पास न तो व्यवसाय परवाना है और न ही ना-हरकत प्रमाणपत्र (NOC)।
नगरपरिषद की जानकारी के मुताबिक श्री. नारायण हरिभाऊ दस की मालकी की संपत्ति क्रमांक पुराना 1137 (नया LAN00001729) वाली इमारत में 'विनर्स अकॅडमी' के नाम से कोचिंग क्लासेस चल रहे थे। नगरपरिषद के रिकॉर्ड खंगाले गए तो सामने आया कि अकॅडमी ने व्यवसाय परवाना या जरूरी ना-हरकत प्रमाणपत्र लिया ही नहीं था। प्रशासन ने बताया कि यानी क्लास का कामकाज जरूरी परमिशन के बिना चल रहा था।
मामले की खबर मिलते ही आलंदी नगरपरिषद के मुख्याधिकारी माधव खांडेकर ने फौरन कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद कर विभाग प्रमुख सीमा चारवे की अगुवाई में विशेष पथक ने कार्रवाई की। पुलिस बंदोबस्त में विनर्स अकॅडमी की इमारत पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया गया।
दिवेआगर हादसे के बाद नगरपरिषद ने शहर के कोचिंग क्लासेस और बाकी आस्थापनाओं की परमिशन जांचने की मुहिम भी शुरू की है। प्रशासन ने साफ कहा है कि सभी शिक्षण संस्थाएं और कोचिंग क्लासेस जरूरी व्यवसाय परवाने, ना-हरकत प्रमाणपत्र और दूसरी कानूनी परमिशन लेकर ही अपना कामकाज चलाएं।
नगरपरिषद ने चेतावनी भी दी है कि नियमों का पालन न करने वाली आस्थापनाओं पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दिवेआगर समुद्रकिनारे हुए हादसे में आलंदी के आठ विद्यार्थियों की मौत से पूरे शहर में शोक छाया है। ऐसे में प्रशासन की इस कार्रवाई से बिना अनुमति चल रही शैक्षणिक आस्थापनाओं का मुद्दा फिर से चर्चा में आ गया है।
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