दिवाली से पहले घर रंगवाना है? वास्तु के हिसाब से कमरे और दिशा के रंग जानिए
वास्तुशास्त्र के मुताबिक हॉल, किचन, बेडरूम, बाथरूम और हर दिशा के लिए अलग रंग सुझाए गए हैं।
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दिवाली करीब आते ही हर कोई चाहता है कि उसका घर एकदम चमकता हुआ दिखे, इसलिए घरों में नया पेंट लगवाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। लेकिन रंग सिर्फ अच्छा दिखने के लिए नहीं होता। उसका असर हमारे मन पर और घर के माहौल पर भी पड़ता है। वास्तुशास्त्र में रंगों को काफी अहमियत दी गई है, और गलत रंग लगा दिया जाए तो घर का पूरा लुक बिगड़ सकता है। इसीलिए पहले यह जान लेना ठीक रहेगा कि किस कमरे में कौन सा रंग लगाना चाहिए और कौन सा रंग शुभ या अशुभ माना जाता है।
सबसे पहले हॉल की बात करें। दिनभर में हम सबसे ज्यादा वक्त हॉल में ही गुजारते हैं, और मेहमान आएं तो वे भी वहीं बैठते हैं। इसलिए यहां का रंग ऐसा होना चाहिए कि नजर पड़ते ही अच्छा लगे। ज्यादा गहरे या भड़कीले रंग यहां बिल्कुल न लगाएं। सफेद, दूध जैसा क्रीम, हल्का भूरा और फीका गुलाबी, ये चार रंग हॉल के लिए एकदम सही बताए गए हैं। इनसे कमरा बड़ा लगता है और शांति बनी रहती है। दीवार पर ऐसा रंग करवाएं तो परदे और कुशन भी उसी रंग की छटा के लेने चाहिए, फिर घर बहुत रिच दिखता है।
किचन में सबसे जरूरी चीज सफाई है। वास्तु के मुताबिक किचन के लिए सफेद से बेहतर कोई रंग नहीं, क्योंकि सफेद रंग शांति और साफ-सफाई का प्रतीक माना जाता है। साइज में छोटा किचन भी सफेद रंग से बड़ा दिखता है। हां, दाग-धब्बे सफेद रंग पर तुरंत नजर आ जाते हैं।
बेडरूम वह कमरा है जहां दिनभर की थकान के बाद आराम मिलता है। चैन की नींद आए, इसके लिए यहां ज्यादा भड़कीले रंग न लगाएं। आसमानी नीला, हल्का हरा, गुलाबी और क्रीम शेड बेडरूम के लिए अच्छे हैं। ये सारे ठंडे रंग हैं, इसलिए मन शांत रहता है। इनसे पति-पत्नी के बीच झगड़े कम होते हैं और प्यार बढ़ता है। इसके लिए फीके रंग ही चुनें।
बाथरूम में खासकर सफेद या गुलाबी रंग करवाना चाहिए। सफेद से सफाई का एहसास रहता है और गुलाबी से एक अलग ताजगी आती है। दोनों रंगों से बाथरूम को एक अलग लुक भी मिलता है।
अब दिशा के हिसाब से रंग की बात। घर की हर दिशा अलग होती है और हर दिशा में अलग रंग जंचता है। उत्तर की दीवार हो तो वहां हरा रंग लगाएं। हरा मतलब पेड़-पौधे, बढ़त और पैसा। पुराने लोगों का कहना है कि इस दिशा में हरा रंग करने से घर में बरकत आती है और धंधे में फायदा होता है।
दक्षिण में लाल रंग लगाएं। लाल यानी ताकत और एनर्जी। जिस घर में दक्षिण दिशा में लाल रंग होता है, वहां उत्साह बढ़ता है और रिश्तों में मिठास बनी रहती है।
पूर्व में सफेद और पश्चिम में नीला रंग शुभ माना जाता है। पूर्व में सूरज उगता है, जबकि पश्चिम में नीला रंग लगाने से मन स्थिर होता है और शांति मिलती है।
घर का सबसे अहम कोना ईशान्य यानी उत्तर-पूर्व को माना जाता है, क्योंकि इस जगह को देवता की जगह कहा जाता है। यहां पीला या केसरी रंग लगाएं। पीला मतलब बुद्धि और केसरी मतलब नई उम्मीद। इन रंगों से घर में पॉजिटिव माहौल रहता है। तो इस दिवाली इसी तरह सोच-समझकर रंग लगवाइए।
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