दीक्षाभूमि से तीन दिन में 144 टन कचरा उठाया गया, नागपुर मनपा के सफाई कर्मियों ने संभाला मोर्चा
70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर नागपुर महानगरपालिका के घनकचरा प्रबंधन विभाग ने तीन दिन में दीक्षाभूमि परिसर से कुल 144 टन कचरा उठाया।
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70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिन पर शहर को साफ रखने के लिए नागपुर महानगरपालिका के घनकचरा प्रबंधन विभाग के सफाई कर्मचारियों ने चौबीसों घंटे काम किया। तीन दिन में दीक्षाभूमि परिसर से कुल 144 टन कचरा उठाया गया।
सफाई कर्मियों ने अंबाझरी, बेझनबाग और ऊंटखाना इलाकों की सफाई में भी अहम भूमिका निभाई। तीन शिफ्टों में कुल 872 सफाई कर्मचारी, 234 कचरा उठाने वाले कर्मचारी, तीन सक्शन मशीनें, तीन चोकेज मशीनें, 190 कचरे के डिब्बे और 108 गाड़ियां लगाई गई थीं। कचरा भांडेवाडी पहुंचाने के लिए चार कॉम्पैक्टर इस्तेमाल हुए। लाखों अनुयायियों के आने के बावजूद प्रशासन शहर की सफाई बनाए रखने में कामयाब रहा।
धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के लिए नागपुर महानगरपालिका ने नागरिक सुविधाओं, सफाई और ट्रैफिक के इंतजाम संभाले थे। मनपा के कर्मचारी 18 अक्टूबर से तीन शिफ्टों में ड्यूटी कर रहे थे। हर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाया गया था। महापौर नीता ठाकरे और आयुक्त डॉ. विपिन के निर्देश पर इंतजाम किए गए, ताकि शहर आने वाले लाखों अनुयायियों को कोई परेशानी न हो।
महापौर नीता ठाकरे, उपमहापौर लीलाताई हाथीबेड, स्थायी समिति सभापति शिवानी दानी वखारे, सत्ता पक्ष नेता नरेंद्र (बाल्या) बोरकर और परिवहन समिति सभापति मंगला खेकरे ने नियमित तौर पर निरीक्षण किया।
अतिरिक्त आयुक्त अंकित, मुरुगानंदम एम. और मिलिंद मेश्राम ने इंतजामों को कामयाब बनाने के लिए काम किया। आयुक्त डॉ. विपिन ने खुद इंतजामों पर नजर रखी। धम्मचक्र प्रवर्तन दिन यानी 20 अक्टूबर को उन्होंने नागरिक सुविधाओं का जायजा लिया और देखा कि अनुयायियों को कोई दिक्कत तो नहीं हो रही। उन्होंने अनुयायियों से बात करके नागरिक सुविधाओं पर उनकी राय भी पूछी।
शहर में लाखों अनुयायियों के आने से जो कचरा निकला, उसे उठाने और ठिकाने लगाने की मुख्य जिम्मेदारी घनकचरा प्रबंधन विभाग की थी। मनपा ने अलग-अलग स्तर पर इंतजाम किए और शहर में कचरा उठाने का काम संभालने वाली एंटनी वेस्ट हैंडलिंग कंपनी और बीवीजी इंडिया लिमिटेड की मदद से व्यवस्था को कामयाबी से लागू किया। दोनों कंपनियों ने तीन शिफ्टों में 108 गाड़ियां लगाईं और कचरा उठाने के लिए 234 कर्मचारी तैनात किए। यह काम उपायुक्त राजेश भगत, मुख्य स्वच्छता अधिकारी डॉ. गजेंद्र महल्ले, लक्ष्मीनगर जोन के सहायक आयुक्त धनंजय जाधव और स्वच्छता अधिकारी ऋषिकेश इंगले की अगुवाई में हुआ। एनडीएस के जवानों ने भी सफाई में हाथ बंटाया। एनडीएस प्रमुख वीरसेन तांबे की अगुवाई में एनडीएस की एक टीम दीक्षाभूमि परिसर में तैनात रही।
अनुयायियों के ठहरने के लिए दीक्षाभूमि परिसर में 21 गुंबद (डोम) खड़े किए गए। 1,200 से ज्यादा शौचालय लगाए गए, जो सभी सीवर लाइन से जुड़े थे। परिसर और सड़कों से कचरा तुरंत हटाने के लिए सफाई कर्मचारी तैनात थे। मनपा ने यह सेवा चौबीसों घंटे, सातों दिन दी।
सुरक्षा इंतजामों में पुलिस की मदद के लिए मनपा ने 44 स्थायी और 16 अस्थायी सीसीटीवी कैमरे उपलब्ध कराए। पीने के पानी के लिए सड़कों के किनारे कुल 120 नल लगाए गए और हर डोम में भी पीने के पानी की सुविधा रखी गई। रोशनी का अतिरिक्त इंतजाम भी किया गया।
दीक्षाभूमि परिसर में सड़कों के दोनों तरफ कचरे के डिब्बे रखे गए थे। कचरा इन डिब्बों में डाला गया, इसलिए सड़कों पर कम कचरा जमा हुआ। सड़कों से कचरा हटाने के लिए सफाई कर्मचारी तीन शिफ्टों में लगे रहे। जमा कचरे को भांडेवाडी पहुंचाने के लिए दो शिफ्ट रखी गई थीं, जिनमें कुल 108 गाड़ियां लगीं। सफाई कर्मियों की मेहनत से दीक्षाभूमि परिसर में कचरा जमा नहीं रहा।
मनपा के परिवहन विभाग ने दीक्षाभूमि से ड्रैगन पैलेस और चिचोली के शांतिवन तक जाने के लिए खास आपली बस सेवा चलाई। परिवहन विभाग के प्रशासकीय अधिकारी योगेश लुंगे के मुताबिक 18 से 20 अक्टूबर के बीच कुल 58,084 यात्रियों ने दीक्षाभूमि से ड्रैगन पैलेस, चिचोली और शहर के दूसरे हिस्सों तक जाने के लिए आपली बस का इस्तेमाल किया।
दीक्षाभूमि से आपली बस सेवा 18 अक्टूबर को शुरू हुई, जिसके लिए मनपा ने 267 बसें लगाईं। 18 अक्टूबर को दीक्षाभूमि और ड्रैगन पैलेस के बीच 12 बसें चलीं और 1,204 यात्रियों ने सफर किया। 19 अक्टूबर को दीक्षाभूमि-ड्रैगन पैलेस रूट पर 49 बसें लगाई गईं और 9,625 अनुयायियों ने इसका फायदा लिया। इसके अलावा छह बसों से 534 यात्री दीक्षाभूमि से चिचोली गए।
20 अक्टूबर को सबसे ज्यादा 41,175 अनुयायियों ने दीक्षाभूमि से ड्रैगन पैलेस जाने के लिए आपली बस से सफर किया। इसके लिए मनपा ने 145 बसों का इंतजाम किया था। उसी दिन यात्रियों ने आपली बस से नारा, चिचोली, नारी, गांधीपुतला, बेलतरोड़ी, यशोधरानगर और गिड्डोबानगर तक भी सफर किया।
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