बुधवार, 7 अक्टूबर 2026

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18:49 IST

दीक्षाभूमि पर 24 घंटे CCTV की नजर, मनपा आयुक्त ने धम्मचक्र प्रवर्तन दिन की तैयारी तेज की

70वें धम्मचक्र प्रवर्तन दिन के लिए 18 से 22 अक्टूबर के बीच अनुयायियों को बुनियादी सुविधाएं देने की योजना बनी है। दीक्षाभूमि के आसपास CCTV से निगरानी होगी और मनपा कंट्रोल रूम बनाएगी।

दीक्षाभूमि पर 24 घंटे CCTV की नजर, मनपा आयुक्त ने धम्मचक्र प्रवर्तन दिन की तैयारी तेज की तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

धम्मचक्र प्रवर्तन दिन बौद्ध समाज के लिए बहुत अहम दिन है। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने 14 अक्टूबर 1956 को नागपुर की दीक्षाभूमि पर लाखों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म की दीक्षा ली थी। इसी ऐतिहासिक घटना की याद में हर साल विजयादशमी के दिन नागपुर में यह दिन बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।

इस मौके पर पूरे देश से लाखों बौद्ध अनुयायी दीक्षाभूमि पहुंचते हैं। इसलिए इन दिनों प्रशासन के सामने सुरक्षा, भीड़ पर काबू, पानी, सफाई, स्वास्थ्य, रहने का इंतजाम और ट्रैफिक जैसी बड़ी चुनौतियां रहती हैं।

इस बार 70वां धम्मचक्र प्रवर्तन दिन है और दीक्षाभूमि पर देशभर से लाखों अनुयायियों के आने की संभावना है। इसी को देखते हुए महानगरपालिका, जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मनपा आयुक्त डॉ. विपीन इटनकर ने मंगलवार को समीक्षा बैठक ली और अलग-अलग विभागों को आपस में तालमेल रखकर काम करने के निर्देश दिए। योजना यह बनी है कि 18 से 22 अक्टूबर के बीच अनुयायियों को जरूरी बुनियादी सुविधाएं मिलें।

दीक्षाभूमि के आसपास के इलाके पर 24 घंटे CCTV के जरिए नजर रखी जाएगी। भीड़ के इंतजाम, सुरक्षा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मनपा की तरफ से एक कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। परिसर में साफ-सफाई रखने के लिए खास कर्मचारी तैनात होंगे। बिजली, पीने का पानी, शौचालय और ट्रैफिक व्यवस्था सुचारु रखने की भी योजना बनाई गई है।

अनुयायियों के ठहरने के लिए दीक्षाभूमि, डॉ. पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ परिसर, माता कचेरी और कुर्वेज स्कूल परिसर में बड़े डोम खड़े किए जाएंगे। बेझनबाग और उंटखाना मैदान पर रहने और शौचालयों का इंतजाम होगा। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर अस्थायी स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे, ताकि अनुयायियों को इलाज की सुविधा मिल सके।

अंबाझरी तालाब में अनुयायियों के स्नान के वक्त सुरक्षा बनाए रखने के लिए फायर ब्रिगेड और नावें तैनात की जाएंगी। लोगों को तालाब के पानी में उतरने से रोकने और उनकी सहूलियत के लिए तालाब के पास अस्थायी शौचालय बनाए जाएंगे, जिनमें कपड़े बदलने की जगह भी होगी।

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