धनतेरस पर बाजार में जोरदार उछाल, सेंसेक्स 81,028 पर और निफ्टी 25,030 पर बंद
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दिवाली से पहले शुक्रवार को शेयर बाजार तेजी में बंद हुआ। लगातार सातवें सत्र की बढ़त में प्राइवेट बैंकों ने अगुवाई की।
दिवाली से ठीक पहले शुक्रवार को धनतेरस के दिन शेयर बाजार में अच्छी खासी तेजी दिखी। दिन खत्म होने पर सेंसेक्स 1,718.01 अंक यानी 2.17 प्रतिशत चढ़कर 81,028.02 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 493.75 अंक यानी 2.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,030.35 पर बंद हुआ।
बाजार के तेजी में बंद होने का यह लगातार सातवां सत्र था। इस दौरान बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 28 अक्टूबर के 473 लाख करोड़ रुपये से 30 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 503 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
तेजी की अगुवाई प्राइवेट बैंकों ने की। निफ्टी प्राइवेट बैंक 3.22 प्रतिशत उछलकर सबसे ज्यादा बढ़ने वाला इंडेक्स रहा। इसके बाद निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 2.57 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.70 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज 1.63 प्रतिशत, निफ्टी कंजम्पशन 1.29 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा 1.21 प्रतिशत ऊपर रहे। निफ्टी कमोडिटीज में 0.84 प्रतिशत, निफ्टी इंफ्रा में 0.77 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 0.76 प्रतिशत की बढ़त रही।
सब कुछ हरा नहीं था। निफ्टी मीडिया 1.52 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 0.92 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी 0.05 प्रतिशत गिरकर बंद हुए। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मिला जुला कारोबार रहा। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 157.40 अंक यानी 0.82 प्रतिशत फिसलकर 18,975.05 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 14.25 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 60,606.65 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 29 बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे ज्यादा चढ़ने वालों में एम एंड एम, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाइटन, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, एनटीपीसी, अडानी पोर्ट्स, सन फार्मा, एल एंड टी, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल और इटरनल शामिल रहे। सिर्फ पावरग्रिड का शेयर गिरावट के साथ बंद हुआ।
जानकारों का कहना है कि दुनिया भर के बाजारों में गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर बाजारों ने अपनी तेजी बनाए रखी। उनके मुताबिक विदेशों में उथल पुथल के वक्त निवेशक घरेलू बाजार को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं, इसीलिए ऐसा हुआ।
जानकारों ने यह भी बताया कि आज की तेजी का सबसे बड़ा फायदा बड़े प्राइवेट बैंकों को मिला। उनकी मजबूत लिक्विडिटी और आकर्षक वैल्यूएशन की वजह से निवेश के लिए वे स्वाभाविक पसंद बन गए। इसके अलावा कच्चे तेल के दामों में हफ्ते भर की गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और रुपये की मजबूती ने भी भारत के निवेशकों की दिलचस्पी और बढ़ाई है।
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