डेढ़ साल से फरार दो सगे भाई पुणे में पकड़े गए, नौकरी करके छिपे थे
सहकारनगर पुलिस स्टेशन के गंभीर मामले में वांछित सागर और आकाश गायकवाड़ को पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने अलग-अलग जगह से अटक किया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
पुणे पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डेढ़ साल से फरार चल रहे दो सगे भाइयों को पकड़ लिया है। दोनों सहकारनगर पुलिस स्टेशन के इलाके में दर्ज एक गंभीर मामले में आरोपी हैं और पुलिस उन्हें रेकॉर्ड पर वांछित और फरार बता रही थी। क्राइम ब्रांच की डकैती और वाहनचोरी विरोधी टीम नंबर एक ने उन्हें पकड़ा।
अटक किए गए आरोपियों के नाम सागर शैलेश गायकवाड़ (उम्र 25 साल) और आकाश शैलेश गायकवाड़ (उम्र 26 साल) हैं। दोनों पुणे के रहने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि पुलिस की नजर से बचने के लिए दोनों नौकरी कर रहे थे। एक भाई सुसगांव के एक ओल्डएज होम में काम करता था, तो दूसरा कात्रज-कोंढवा इलाके की एक जिम में।
यह कार्रवाई पुलिस उपायुक्त गौहर हसन के मार्गदर्शन में हुई। डकैती और वाहनचोरी विरोधी टीम नंबर एक के पुलिस निरीक्षक मारुति खेडकर के साथ पुलिस अंमलदार ज्ञानेश्वर पिंगले, अमित गद्रे, परमेश्वर नरवडे, साईकुमार कारके, साधना पवार और अजित शिंदे की टीम ने इसे अंजाम दिया।
सहकारनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 74, 333, 115(2), 352 और 351(2)(3) लगाई गई हैं। दोनों आरोपी पिछले डेढ़ साल से पुलिस को चकमा दे रहे थे। वरिष्ठ अधिकारियों ने रेकॉर्ड पर मौजूद वांछित और फरार आरोपियों को ढूंढने के आदेश दिए थे, और उसी दौरान इन दोनों का सुराग मिला।
टीम के पुलिस अंमलदार ज्ञानेश्वर पिंगले को पक्की खबर मिली कि आरोपी सागर गायकवाड़ सुसगांव के पायगुडेनगर में बने 'श्री. माऊली ओल्डएज होम' में नौकरी कर रहा है। दूसरी तरफ पुलिस अंमलदार अमित गद्रे को भनक लगी कि आरोपी आकाश गायकवाड़ तिलेकर नगर की 'वर्ल्ड फिटनेस जिम' में काम करता है।
इन जानकारियों के बाद टीम ने सुसगांव और कात्रज-कोंढवा इलाके में एक ही समय पर जाल बिछाया। पुलिस ने दोनों जगहों से दोनों आरोपियों को फिल्मी स्टाइल में हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने मामले में अपना गुनाह कबूल किया। इसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दोनों को सहकारनगर पुलिस के हवाले कर दिया गया है।
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