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22:01 IST

चिमूर में पानी, बिजली और अनुदान की समस्याएं: अशोक चौधरी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

अशोक चौधरी ने चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत से मिलकर चिमूर तहसील के किसानों, खेत मजदूरों और बेसहारा लोगों की रुकी हुई समस्याओं पर ज्ञापन सौंपा।

चिमूर में पानी, बिजली और अनुदान की समस्याएं: अशोक चौधरी ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

चिमूर तहसील के किसानों, खेत मजदूरों, बेसहारों और बुजुर्गों की लंबित समस्याओं को लेकर किसान पुत्र अशोक चौधरी ने पहल की है। उन्होंने जिलाधिकारी वसुमना पंत से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा और प्रशासन का ध्यान इन मुद्दों की तरफ खींचा।

ज्ञापन में रुकी हुई पानी सप्लाई योजना, खेती के पंपों की बार-बार टूटती बिजली सप्लाई, गांवों की पानी की किल्लत, बेसहारों के अटके अनुदान और बुजुर्ग साहित्यकारों व कलाकारों के मानदेय का सवाल उठाया गया है। चौधरी ने मांग की कि इन सभी समस्याओं पर तुरंत कदम उठाए जाएं।

शंकरपुर में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण की पानी सप्लाई योजना शुरू हुए करीब 3 साल हो चुके हैं, फिर भी गांव वालों को उसका जितना फायदा मिलना चाहिए था, नहीं मिल रहा। चौधरी ने कहा कि योजना के काम की गहराई से जांच हो, अधूरे काम तुरंत पूरे किए जाएं और गांव में नियमित पानी सप्लाई शुरू की जाए।

बारिश का कोई भरोसा नहीं है और धान की फसल को सिंचाई की जरूरत है। ऐसे में खेती के पंपों की बिजली बार-बार जाने से किसान संकट में हैं। खड़ी फसल का नुकसान न हो, इसके लिए ज्ञापन में खेती को जरूरी बिजली सुचारु और नियमित करने की मांग की गई है।

चिमूर तहसील के पानी की किल्लत वाले गांवों का मौके पर जाकर निरीक्षण करने और जहां जरूरी हो वहां टैंकर से नियमित पानी पहुंचाने की मांग भी की गई। इसके अलावा कुओं और पाइपलाइन की मरम्मत, बंद पड़े पंप चालू करना, जल स्रोतों को फिर से जिंदा करना और मवेशियों के लिए पानी का इंतजाम करने पर भी जोर दिया गया।

अशोक चौधरी ने अपनी भूमिका रखते हुए कहा कि जनता को सिर्फ आश्वासन नहीं चाहिए, उसके सवालों का असली हल चाहिए। किसानों, खेत मजदूरों और आम जनता के हक के लिए उनकी लड़ाई लगातार जारी रहेगी। अब किसान, लाभार्थी और गांव वाले देख रहे हैं कि प्रशासन इन मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है।

शंकरपुर के बुजुर्ग साहित्यकारों और कलाकारों ने पिछले साल मानदेय के लिए आवेदन किए थे, लेकिन उन्हें अब तक कुछ नहीं मिला। मांग की गई कि इन आवेदनों की जांच कर पात्र लाभार्थियों को सरकार के नियमों के मुताबिक मानदेय मंजूर किया जाए।

चिमूर तहसील के बेसहारा, बुजुर्ग और विधवा लाभार्थियों का अनुदान पिछले तीन महीनों से अटका हुआ है। चौधरी ने मांग की कि यह अनुदान तुरंत उनके बैंक खातों में जमा किया जाए। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि आगे से हर महीने की पांच तारीख से पहले अनुदान मिले, इसके लिए पक्का इंतजाम किया जाए।

चौधरी ने जिलाधिकारी वसुमना पंत का इन समस्याओं की सुध लेने के लिए आभार माना। साथ ही साफ किया कि जब तक ये सवाल हल नहीं होते, वे पीछा करते रहेंगे।

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