संजय गांधी नेशनल पार्क इलाके की 848 एकड़ जमीन की हद तय करने पर राज्यमंत्री योगेश कदम के निर्देश
गृह (शहरी) और राजस्व राज्यमंत्री योगेश कदम ने मंत्रालय में बैठक लेकर सोसायटी धारकों को भूमि अभिलेख विभाग में आवेदन देने को कहा है। आवेदन मिलते ही विभाग नपाई और सर्वेक्षण का काम बिना देरी हाथ में ले।
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संजय गांधी नेशनल पार्क इलाके की 848 एकड़ जमीन की हद तय करने का मामला लंबे समय से अटका हुआ है। इसे सुलझाने के लिए गृह (शहर) और राजस्व राज्यमंत्री योगेश कदम ने मंत्रालय में बैठक ली। यह बैठक उन्हीं की अध्यक्षता में हुई, और इसमें जमीन की हद तय करने के साथ-साथ उससे जुड़े बाकी अटके हुए सवालों का हल निकालने पर बात हुई।
कदम ने बैठक में निर्देश दिया कि इस जमीन से जुड़े सभी सोसायटी धारक भूमि अभिलेख विभाग में तुरंत विधिवत आवेदन दाखिल करें। आवेदन के साथ जरूरी कागजात भी लगाने होंगे। उन्होंने कहा कि आवेदन मिलते ही विभाग जगह की नपाई और सर्वेक्षण का काम बिना देरी हाथ में ले। यानी सोसायटी धारकों का आवेदन देना ही इस पूरी प्रक्रिया की पहली सीढ़ी है।
राज्यमंत्री कदम ने यह भी कहा कि इस पूरे काम में कहीं कोई देरी न हो, इसका ध्यान रखा जाए। उनके मुताबिक हद तय करने की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चलाई जाएगी।
कदम ने साफ किया कि स्थानीय नागरिकों को भरोसे में लेकर और उनके सहयोग से जरूरी प्रशासनिक कार्यवाही पूरी की जाएगी। प्रक्रिया में स्थानीय नागरिकों को साथ लेकर चलने की बात राज्यमंत्री ने खुद कही है।
बैठक में कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के अध्यक्ष सिद्धेश कदम, राजस्व विभाग की सहसचिव मनीषा जायभाये, पुलिस उपायुक्त (उत्तर विभाग-3) गजानन राजमाने और उप वन संरक्षक किरण पाटील शामिल थे। बृहन्मुंबई महानगरपालिका के अधिकारी नागनाथ रोहिले और पार्षद वैभव भरडकर भी बैठक में शामिल हुए।
इनके अलावा उज्वला भगत, आत्माराम चाचे, अरुण सुर्वे, सुरेश यादव, राजेश सावरकर, शरद वाघ, गोपाल सुतार और संदीप मसूरकर समेत संबंधित प्रशासनिक अधिकारी भी बैठक में हाजिर रहे।
कुल मिलाकर, सोसायटी धारकों के लिए अब पहला कदम भूमि अभिलेख विभाग में आवेदन देना है। उसके बाद ही विभाग नपाई और सर्वेक्षण का काम शुरू करेगा, जैसा राज्यमंत्री ने निर्देश दिया है। इस प्रक्रिया में नागरिकों के सहयोग की बात भी कदम ने खुद कही है।