चिमूर के बोळधा में नाली निर्माण पर सवाल, इंजीनियरों की जांच में खामियां उजागर
चिमूर तालुका के बोळधा गांव में ग्रामपंचायत की सिमेंट कांक्रीट नाली के काम में तकनीकी खामियां मिली हैं, जिला परिषद के इंजीनियरों की जांच रिपोर्ट में यह बात सामने आई है।
चिमूर तालुका के नेरी के पास बसे बोळधा गांव में ग्रामपंचायत की तरफ से करवाए गए सिमेंट कांक्रीट नाली निर्माण के काम में गंभीर तकनीकी खामियां पकड़ में आई हैं। चिमूर जिला परिषद के बांधकाम उपविभाग के इंजीनियरों ने जब मौके पर जाकर पड़ताल की तो नाली का काम असंतोषजनक निकला। इस बारे में तैयार रिपोर्ट चिमूर पंचायत समिति के गटविकास अधिकारी को सौंप दी गई है।
रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि यह काम कार्यालय के तकनीकी मार्गदर्शन के बिना ही करवाया गया था। बोळधा में नाली बांधने के लिए जिला परिषद के बांधकाम उपविभाग ने तकनीकी मंजूरी आदेश क्रमांक ०८/२०२६-२७ के तहत ग्रामपंचायत को २ लाख ७१ हजार रुपये का बजट दिया था। इस काम की जांच करने के लिए १८ सितंबर को कनिष्ठ इंजीनियर ज्ञानेश्वर विधाते और स्थायी इंजीनियर सहायक आकाश मिसाळ की टीम बोळधा पहुंची।
जांच के वक्त ग्रामपंचायत का दफ्तर बंद मिला। इसके बाद टीम ने नाली के काम का मुआयना किया तो पता चला कि करीब २५ मीटर लंबाई में नाली बन चुकी है। लेकिन नाली का स्लैब सिर्फ ७५ मिमी मोटा निकला और नाली का सेक्शन भी सही नहीं था। इसके अलावा नाली के सामने वाली मुख्य सड़क को खोदकर दूसरी तरफ नाली बनाने के लिए खुदाई की गई थी। जांच में यह भी दिखा कि खोदी गई मुख्य सड़क को फिलहाल अस्थायी तौर पर भर दिया गया है।
इंजीनियरों की इस जांच से साफ हुआ कि बोळधा में नाली निर्माण के दौरान न तो तकनीकी मार्गदर्शन पर ध्यान दिया गया और न ही काम की गुणवत्ता पर। बोळधा के सामाजिक कार्यकर्ता विजय बोरकर ने कहा कि सरकारी पैसे से होने वाले विकास कामों में ऐसी खामियां दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित सिस्टम को मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए और नाली का काम अच्छे तरीके से पूरा करवाना चाहिए।
यह रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए चिमूर पंचायत समिति के गटविकास अधिकारी के पास भेजी गई है। साथ ही इसकी प्रतियां कार्यकारी इंजीनियर (बांधकाम), जिला परिषद चंद्रपुर और उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (ग्रामपंचायत), जिला परिषद चंद्रपुर को भी भेजी गई हैं। अब बोळधा के ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि नाली के काम की जांच में जिम्मेदारी तय होती है या नहीं, और तकनीकी मानकों के मुताबिक काम पूरा करवाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।