खडसंगी ग्रामपंचायत से पिछले दरवाजे से कागजात बाहर, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
चिमूर तालुका की खडसंगी ग्रामपंचायत में छुट्टी के दिन कैशबुक, पासबुक जैसे सरकारी दस्तावेज पिछली खिड़की से बाहर ले जाए गए, ग्रामीणों ने जिला परिषद और पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
चंद्रपुर जिले के चिमूर तालुका की खडसंगी ग्रामपंचायत में एक अजीब वाकया सामने आया है। ग्रामीणों का दावा है कि छुट्टी के दिन ग्रामपंचायत कार्यालय से जरूरी सरकारी कागजात पिछली खिड़की से चुपचाप बाहर निकाले गए। इस घटना के बाद गांव के लोगों ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग उठाई है।
दरअसल खडसंगी ग्रामपंचायत के सामने पिछले पंद्रह दिनों से गांव के नौजवान आंदोलन कर रहे हैं। इसी बीच मंगलवार को एक विशेष ग्रामसभा बुलाई गई थी। लेकिन उससे दो दिन पहले, शनिवार को दोपहर करीब एक बजे ग्रामीणों ने देखा कि ग्रामपंचायत से कैशबुक, पासबुक, चेकबुक, एमबी, बिल और अलग-अलग रजिस्टर सहित कई कागजात तीन थैलियों में भरकर बाहर ले जाए जा रहे हैं।
यह देखकर ग्रामीणों ने तुरंत ये कागजात अपने कब्जे में ले लिए। जब उन्होंने ग्रामपंचायत के चपरासी कृष्णा सातपसे से इस बारे में पूछा, तो उसने बताया कि सचिव के कहने पर ही वह कागजात बाहर ले जा रहा था, ऐसा ग्रामीणों का कहना है। वहीं ग्रामपंचायत अधिकारी कवडू तराळे ने ग्रामीणों को बताया कि मंगलवार को होने वाली ग्रामसभा के मद्देनजर कागजातों की फोटोकॉपी कराने के लिए उन्हें बाहर भेजा गया था।
लेकिन ग्रामीणों का सवाल है कि आखिर छुट्टी के दिन और वह भी पिछली खिड़की से ही कागजात क्यों निकाले गए। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और कागजात बाहर ले जाने की असली वजह सामने आनी चाहिए। इस संबंध में ग्रामीणों ने जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, संवर्ग विकास अधिकारी और चिमूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है।
जिन थैलियों में कागजात मिले उनमें कैशबुक, पानी सप्लाई और सामान्य फंड की नोंदवही, पंद्रहवें वित्त आयोग का रजिस्टर, स्टॉक रजिस्टर, कार्यवाही रिपोर्ट, वाउचर फाईल, एमआरजीएस कैशबुक, पासबुक, चेकबुक और एमबी सहित कई सरकारी कागजात शामिल थे।
आंदोलनकारी ग्रामीण राजू गेडाम ने कहा कि मंगलवार को ग्रामसभा होने के बावजूद छुट्टी के दिन पिछली खिड़की से कागजात बाहर निकाले गए, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि खडसंगी के खेल मैदान के काम की जांच प्रशासन कब करेगा।
वहीं ग्रामपंचायत अधिकारी कवडू तराळे ने अपनी सफाई में कहा कि मंगलवार को ग्रामसभा होने के कारण कुछ जरूरी कागजातों की फोटोकॉपी निकालना जरूरी था। उनकी मां की तबीयत ठीक न होने के चलते उन्हें ग्रामपंचायत कार्यालय आने में देरी होनी थी, इसलिए उन्होंने खुद चपरासी को कागजातों की फोटोकॉपी निकालने के लिए कहा था। ग्रामपंचायत कार्यालय के सामने आंदोलन चल रहा था, इसलिए चपरासी ने डर के मारे पिछली खिड़की से कागजात बाहर निकाले। उनका कहना है कि कागजात सिर्फ फोटोकॉपी के लिए ले जाए गए थे और इसमें कोई गलत इरादा नहीं था।
खडसंगी ग्रामपंचायत में चल रहे आंदोलन, विशेष ग्रामसभा की तैयारी और उससे पहले कागजात बाहर ले जाने के आरोप से गांव का माहौल गरमा गया है। कागजात सिर्फ फोटोकॉपी के लिए ले जाए गए थे या इस प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन हुआ, यह जांच से ही साफ होगा। ग्रामीणों की नजर अब इस पर टिकी है कि प्रशासन विशेष ग्रामसभा से पहले इस मामले में क्या रुख अपनाता है।