छत्रपती संभाजीनगर में दहेज के लिए गर्भवती विवाहिता पर जुल्म, पति समेत 5 पर केस
छत्रपती संभाजीनगर में 25 साल की विवाहिता को चारचाकी के लिए 5 लाख रुपये और सोने की चेन के नाम पर सताया गया। छावणी पुलिस ने शिक्षक पति सुमित मगरे समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया है।
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छत्रपती संभाजीनगर में दहेज की मांग और ससुराल वालों के जुल्म का एक गंभीर मामला सामने आया है। शादी को कुछ ही महीने हुए थे कि 25 साल की विवाहिता को 5 लाख रुपये और सोने की चेन के लिए सताया जाने लगा। इस मारपीट और परेशानी के चलते उसका गर्भपात हो गया और उसे 'ब्रेन स्ट्रोक' जैसी जानलेवा बीमारी से भी गुजरना पड़ा। इस मामले में छावणी पुलिस स्टेशन में शिक्षक पति समेत ससुराल के पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया गया है।
शादी 5 अप्रैल 2026 को छत्रपती संभाजीनगर के पास सावंगी की एक लॉन में हुई थी। पीड़िता की शादी नंदनवन कॉलनी के रहने वाले सुमित अशोक मगरे से हुई, जो 32 साल के हैं और पेशे से शिक्षक हैं। उनकी पढ़ाई M.Sc. और B.Ed. है। दोनों पक्षों की रजामंदी से शादी धूमधाम से हुई, लेकिन चार-पांच दिन बाद ही ससुराल वालों का असली रंग दिखने लगा।
बताया गया है कि शादी में लड़की के पिता ने दूल्हे को सोने की चेन नहीं दी थी। इसी बात पर सास विजया मगरे, ससुर अशोक मगरे, ननद अश्विनी बनसोडे और बड़े देवर प्रशांत मगरे विवाहिता को ताने मारकर मानसिक तौर पर परेशान करने लगे। बेटी का घर बसा रहे, यह सोचकर पिता ने अप्रैल के दूसरे हफ्ते में दामाद के गले में सोने की चेन पहना दी। इसके बाद भी ससुराल वालों का पैसों का लालच कम नहीं हुआ।
14 जून 2026 को विवाहिता को गाली-गलौज करते हुए कहा गया कि चारचाकी खरीदने के लिए मायके से 5 लाख रुपये लेकर आओ। फिर धमकी दी गई कि दी गई सोने की चेन कम है और पैसे नहीं लाए तो सुमित की दूसरी शादी करा दी जाएगी। यह कहकर सास, ननद और देवर ने उसे बुरी तरह पीटा और बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया।
फिर यह भी सामने आया कि वजन ज्यादा होने का बहाना बनाकर उससे जबरदस्ती फर्श पोंछना, झाड़ू लगाना और पत्थर पर कपड़े धोने जैसे मेहनत के काम कराए जाते थे। फिर उसे जानबूझकर कम खाना देकर भूखा रखा जाता था। यह बात शिकायत में कही गई है।
लगातार मारपीट और परेशानी से विवाहिता की सेहत बहुत बिगड़ गई। वह गर्भवती हुई, तब भी ससुराल वालों ने उसे डॉक्टर के पास ले जाने या सोनोग्राफी कराने से जानबूझकर मना कर दिया। इसी जुल्म के चलते 23 अगस्त 2026 को उसका गर्भपात हो गया। हालत बहुत खराब होने पर उसे शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वहां जांच में डॉक्टरों ने बताया कि गहरे मानसिक और शारीरिक सदमे की वजह से उसे 'ब्रेन स्ट्रोक' आया है। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि वक्त पर गर्भपात न होता तो उसकी जान को बड़ा खतरा हो सकता था।
इतना सब होने के बाद भी ससुराल वालों ने उसे दोबारा घर में रखने से साफ इनकार कर दिया और उसके मायके वालों को भी गालियां दीं। आखिर पीड़िता की शिकायत पर छावणी पुलिस ने पति सुमित मगरे समेत पांचों रिश्तेदारों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं में गंभीर मामला दर्ज किया है। पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।
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