कल्याण-डोंबिवली में पानी की बर्बादी रोकने के लिए मनसे ने की वॉटर ऑडिट की मांग
मनसे ने कल्याण-डोंबिवली महापालिका आयुक्त को निवेदन देकर अनधिकृत नल कनेक्शन काटने, लीकेज रोकने और पूरे क्षेत्र का वॉटर ऑडिट कराने की मांग की है।
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कल्याण-डोंबिवली महापालिका क्षेत्र में पानी की किल्लत चल रही है। लोगों से कहा जा रहा है कि पानी संभालकर इस्तेमाल करें। इसी बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना यानी मनसे ने मांग की है कि प्रशासन पानी की बर्बादी रोकने के लिए ठोस कदम उठाए।
पानी की किल्लत को देखते हुए महापालिका क्षेत्र में पानी कटौती की पाबंदियां लागू की गई हैं। लेकिन मनसे का कहना है कि शहर में कई जगह अनधिकृत नल कनेक्शन हैं, पानी की पाइपलाइनों में रिसाव हो रहा है और व्यावसायिक और प्रतिष्ठानों की तरफ से अनधिकृत तरीके से पानी इस्तेमाल किया जा रहा है। इन सबकी वजह से बड़े पैमाने पर पानी बर्बाद हो रहा है।
मनसे के डोंबिवली शहर अध्यक्ष और पूर्व पार्षद हर्षद हरिश्चंद्र पाटील ने इस बारे में महापालिका आयुक्त को निवेदन दिया है। उन्होंने मांग की है कि इस बर्बादी को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए और पूरे महापालिका क्षेत्र का वॉटर ऑडिट कराया जाए। उनका कहना है कि जब आम लोगों से पानी संभालकर इस्तेमाल करने को कहा जा रहा है, तो अनधिकृत तरीके से पानी लेने वालों पर भी सख्त कार्रवाई होना जरूरी है।
पाटील ने मांग की है कि कार वॉशिंग सेंटर, सर्विस सेंटर और दूसरे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी का इस्तेमाल नियमों के हिसाब से हो रहा है या नहीं, इसकी फौरन जांच की जाए। महापालिका क्षेत्र की पानी की पाइपलाइनों से अनधिकृत तरीके से लिए गए नल कनेक्शन ढूंढकर तुरंत काटे जाएं। साथ ही मुख्य पाइपलाइनों और वितरण पाइपलाइनों में जहां रिसाव है, उसे ढूंढकर दुरुस्त किया जाए। निवेदन में उन्होंने कहा है कि इससे पानी की बर्बादी कम होगी और जो पानी मौजूद है, उसका बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
हर्षद पाटील ने साफ किया कि पानी लोगों की बुनियादी जरूरत है। उनके मुताबिक सिर्फ नागरिकों पर पानी कटौती की पाबंदियां लादने से काम नहीं चलेगा। अनधिकृत पानी इस्तेमाल को रोकना, रिसाव दुरुस्त करना और पानी का न्यायपूर्ण वितरण करना प्रशासन की भी जिम्मेदारी है।
मनसे की तरफ से यह भी मांग की गई है कि महापालिका प्रशासन इन मांगों पर फौरन ध्यान दे, अनधिकृत पानी इस्तेमाल करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई करे और वॉटर ऑडिट की रिपोर्ट सार्वजनिक करे। निवेदन में यह भी बताया गया कि हाल ही में पानी की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने एमआईडीसी दफ्तर पर मोर्चा निकालकर जवाब मांगा था। इस पर कहा गया कि सरकारी नियोजन के हिसाब से काम चल रहा है और पानी की किल्लत है, यह सच है।
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