चंद्रपुर जिले की 13 बंद पेयजल योजनाओं की बिजली बहाल होगी, ऊर्जा विभाग का आदेश जारी
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ऊर्जा विभाग ने 30 अक्टूबर 2026 को सरकारी आदेश जारी किया। करीब 190 गांवों के लगभग 1.75 लाख लोगों को राहत मिलेगी।
चंद्रपुर जिले में बकाया बिजली बिल की वजह से बंद पड़ी पानी सप्लाई योजनाओं को दोबारा शुरू करने का रास्ता खुल गया है। ऊर्जा विभाग ने इसके लिए 30 अक्टूबर 2026 को सरकारी आदेश जारी किया है। विधायक सुधीर मुनगंटीवार के कार्यालय की दी हुई जानकारी के मुताबिक इसका फायदा जिले की 13 प्रादेशिक योजनाओं को मिलेगा।
ये योजनाएं करीब 4.92 करोड़ रुपये के बकाया बिजली बिल की वजह से बंद हैं। इन पर जिले के करीब 190 गांवों के लगभग 1.75 लाख लोग निर्भर हैं। बिजली सप्लाई तब बहाल होगी, जब सिक्योरिटी डिपॉज़िट और रीकनेक्शन चार्ज भर दिया जाएगा।
चंद्रपुर जिले में जिला परिषद और शिखर समिति के जरिए कुल 33 प्रादेशिक पानी सप्लाई योजनाएं चलाई जाती हैं। इनमें से 20 योजनाओं से अभी पानी मिल रहा है। बाकी 13 योजनाओं के करीब 4 करोड़ 92 लाख 68 हजार रुपये के बिजली बिल बकाया हैं, इसलिए वे बंद पड़ी हैं। सूखे जैसे हालात में पानी के स्रोत सूख रहे थे और ऊपर से बिजली कटने से इन गांवों में पीने के पानी की दिक्कत और गंभीर हो गई थी।
इसी को देखते हुए विधायक मुनगंटीवार ने शासन के सामने मांग रखी थी कि सूखे जैसे हालात में गांव वालों को पीने के पानी के लिए भटकना न पड़े और बिल की वजह से बंद योजनाएं फिर चालू हों। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को निवेदन दिया और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल से फोन पर बात करके यह मसला शासन के ध्यान में लाया।
इसके साथ ही 25 सितंबर को उन्होंने चंद्रपुर की जिलाधिकारी वसुमना पंत के साथ बैठक की और बंद योजनाओं का पूरा जायजा लिया। इस बैठक में उन्होंने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा कि योजनाओं को जल्द शुरू करने के लिए जरूरी प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि बकाया बिलों का मसला सुलझाने के लिए जिला प्रशासन के स्तर पर भी तालमेल से काम होना चाहिए।
उसके बाद मुनगंटीवार ने शासन से मांग की कि बकाया बिल सूखा निवारण या पानी किल्लत निधि से चुकाए जाएं और बंद योजनाएं तुरंत शुरू हों। उन्होंने 2018 के सूखे के समय का हवाला भी दिया, जब शासन ने ग्रामीण नल पानी सप्लाई योजनाओं के बिजली बिल किल्लत निधि से भरने का फैसला लिया था। उनका आग्रह था कि उसी तर्ज पर आज के हालात में भी शासन खास निर्णय ले।
ऊर्जा विभाग के सरकारी आदेश के मुताबिक बकाया की वजह से बंद हुई सार्वजनिक पानी सप्लाई योजनाओं की बिजली एक महीने के बिल के बराबर सिक्योरिटी डिपॉज़िट और रीकनेक्शन चार्ज भरने के बाद बहाल की जाएगी। बकाया की वजह से अटके नए बिजली कनेक्शन भी नियम के हिसाब से जरूरी फीस भरने पर दिए जाएंगे। सिक्योरिटी डिपॉज़िट और रीकनेक्शन चार्ज के लिए जिला नियोजन समिति की निधि (DPDC), किल्लत निधि या दूसरी उपलब्ध निधि इस्तेमाल करने की छूट दी गई है।
मुनगंटीवार ने यह मुद्दा जिला प्रशासन से लेकर शासन के सबसे ऊंचे स्तर तक लगातार उठाया। जिलाधिकारी के साथ बैठक, मुख्यमंत्री को निवेदन और मुख्य सचिव से बातचीत के बाद ऊर्जा विभाग ने यह फैसला लिया है। चंद्रपुर जिले की 13 बंद योजनाओं की वजह से परेशान 190 गांवों के करीब 1 लाख 75 हजार लोगों को इससे राहत मिलेगी। सरकारी आदेश के हिसाब से जरूरी कार्रवाई पूरी करके ये योजनाएं जल्द से जल्द शुरू होने का रास्ता अब खुल गया है।
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