आयर्न, ओव्हन, एअर फ्रायर जैसे उपकरण बिजली ज्यादा खा सकते हैं, जानिए कैसे बचाएं बिल
रोजमर्रा के घरेलू उपकरण कितनी बिजली खर्च करते हैं, ये उनकी पावर रेटिंग और इस्तेमाल के समय पर निर्भर करता है।
घर का बिजली बिल अचानक बढ़ जाए तो ज्यादातर लोगों का ध्यान सीधा फ्रिज, पंखे या AC पर जाता है। लेकिन रोज इस्तेमाल होने वाले कई और उपकरण भी बिजली खपत में बड़ा हिस्सा ले सकते हैं। कोई उपकरण कितनी बिजली खींचता है, ये उसकी पावर रेटिंग, कितनी देर चलता है और कितनी बार इस्तेमाल होता है, इन सब पर तय होता है। इसलिए सिर्फ उपकरणों की गिनती देखने के बजाय ये भी देखना जरूरी है कि वो कितनी देर चलते हैं।
कपड़ों पर इस्त्री करने वाला आयर्न भले ही कम समय के लिए चलता है, लेकिन उसकी पावर आमतौर पर ज्यादा होती है। इसलिए जो लोग रोज बड़ी मात्रा में कपड़े इस्त्री करते हैं, उनकी बिजली खपत बढ़ सकती है। इलेक्ट्रिक ओव्हन, एअर फ्रायर और कुछ किचन मशीनें भी तुलनात्मक रूप से ज्यादा पावर पर काम करती हैं। एअर फ्रायर का इस्तेमाल भले ही कम समय के लिए होता हो, लेकिन बार-बार इस्तेमाल करने पर उसका असर बिल पर दिख सकता है।
वॉशिंग मशीन में अगर मोटर के साथ गरम पानी की सुविधा हो तो बिजली खपत और बढ़ सकती है। मिक्सर और ग्राइंडर की पावर भी ज्यादा होती है, लेकिन उनका इस्तेमाल सिर्फ कुछ मिनटों के लिए होने की वजह से कुल बिजली खर्च तुलनात्मक रूप से सीमित रह सकता है। यहां इस्तेमाल का समय ही मायने रखता है।
टीवी और लैपटॉप की पावर ओव्हन या आयर्न से कम होती है। लेकिन अगर टीवी रोज कई घंटे चलता रहे तो महीने भर की खपत बढ़ जाती है। लैपटॉप, मोबाइल चार्जर और हेडफोन जैसे उपकरणों का प्रति इस्तेमाल बिजली खर्च कम होता है। फिर भी कई उपकरणों को लगातार चार्जिंग पर लगाए रखने की आदत छोड़ना बेहतर है।
वैक्यूम क्लीनर, अंडा उबालने वाला इलेक्ट्रिक उपकरण, वेपर मशीन, मसाज मशीन और मच्छर मारने वाली इलेक्ट्रिक बैट का इस्तेमाल आमतौर पर कम समय के लिए होता है। इसलिए इनकी कुल बिजली खपत इस्तेमाल की आदत पर निर्भर करती है। घर के हर उपकरण के लिए बिल बढ़ने की वजह ढूंढते वक्त उसकी वॉट क्षमता और इस्तेमाल का समय, दोनों चेक करना चाहिए।
बिजली बिल कम करने के लिए उपकरण इस्तेमाल के बाद स्विच और प्लग बंद करना, जरूरत न होने पर चार्जर को जोड़े न रखना और ज्यादा पावर वाले उपकरण सिर्फ जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है। अपने उपकरण पर दी गई वॉट रेटिंग देखकर रोज कितनी देर इस्तेमाल होता है, इसका अंदाजा लगाया जाए तो आसानी से समझ आ जाता है कि घर में कौन सा उपकरण सबसे ज्यादा बिजली खर्च कर रहा है।