चंद्रपुर-गडचिरोली के सूखाग्रस्त तालुकों के छात्रों की सर्दी की परीक्षा फीस माफ
गोंडवाना विद्यापीठ ने चंद्रपुर और गडचिरोली के दुष्काळसदृश घोषित तालुकों के कॉलेजों के लिए हिवाळी-2026 परीक्षा की फीस माफ करने का आदेश जारी किया है।
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गोंडवाना विद्यापीठ ने चंद्रपुर और गडचिरोली जिले के उन तालुकों के कॉलेज छात्रों को बड़ी राहत दी है, जिन्हें दुष्काळसदृश घोषित किया गया है। विद्यापीठ ने हिवाळी-2026 परीक्षा की फीस पूरी तरह माफ करने का आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश गोंडवाना विद्यापीठ से जुड़े कॉलेजों के छात्रों पर लागू होगा।
इस आदेश के पीछे एक बैठक का फैसला है। उच्च व तंत्रशिक्षण मंत्री चंद्रकांतदादा पाटील की अध्यक्षता में राज्य के सभी कुलगुरुओं की ऑनलाइन बैठक हुई थी। विद्यापीठ का कहना है कि उसी बैठक में लिए गए अहम फैसले के हिसाब से उसने यह आदेश निकाला है।
राज्य में दुष्काळ जैसे हालात बने हैं और इसकी वजह से छात्रों के पालकों के सामने पैसों की तंगी खड़ी हो गई है। उच्च व तंत्रशिक्षण विभाग ने इसे गंभीरता से लिया और दुष्काळग्रस्त इलाकों के छात्रों को राहत देने का फैसला किया। इसी निर्देश के तहत चंद्रपुर और गडचिरोली जिले के दुष्काळसदृश घोषित तालुकों में सभी अभ्यासक्रमों की परीक्षा की फीस माफ की जाएगी।
जिन छात्रों ने हिवाळी-2026 की परीक्षा के लिए कॉलेज में पहले ही फीस जमा कर दी है, उन्हें वह फीस तुरंत लौटाने के निर्देश कॉलेजों को दिए गए हैं। कुछ मामलों में कॉलेज यह फीस पहले ही विद्यापीठ के पास जमा करा चुके होंगे। ऐसी हालत में विद्यापीठ प्रशासन वह रकम संबंधित कॉलेजों को फौरन वापस करेगा, और फिर कॉलेजों को उसे छात्रों को देना होगा।
यह भी साफ किया गया है कि यह आदेश सिर्फ उन्हीं तालुकों के कॉलेजों पर लागू रहेगा, जहां दुष्काळसदृश हालात घोषित किए गए हैं। संबंधित लोग इस बात का ध्यान रखें।
पूरी प्रक्रिया वक्त पर निपटाने के लिए सभी जुड़े हुए कॉलेजों को जरूरी प्रशासकीय और तकनीकी कामकाज 23 अक्टूबर 2026 से पहले पूरा करना होगा। यह अपील गोंडवाना विद्यापीठ के परीक्षा व मूल्यमापन मंडळ के संचालक डॉ. नवीन परशुराम मुंगळे ने की है। उनके मुताबिक इस फैसले से दुष्काळग्रस्त इलाकों के सैकड़ों छात्रों को बड़ी राहत मिली है। छात्रों को भी कहा गया है कि वे इस सवलत पर ध्यान दें।