मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:52 IST

बूटीबोरी की इस्पात कंपनी में चाकू से हमला, 18 साल के कामगार की मौत; कथित नाबालिग पर आरोप

बूटीबोरी की इस्पात कंपनी में चाकू से हमला, 18 साल के कामगार की मौत; कथित नाबालिग पर आरोप
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नागपुर के एमआईडीसी बूटीबोरी में शारदा श्री इस्पात लिमिटेड मैंग के अंदर गुरुवार को एक झगड़ा जानलेवा बन गया। कथित तौर पर एक नाबालिग ने, जिसकी उम्र 18 साल से कम बताई गई है, चाकू से हमला किया और इसमें करीब 18 साल के कामगार राजीव कुमार साहनी की जान चली गई। हमले में राजीव गंभीर रूप से घायल हुए थे और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

सूत्रों के मुताबिक राजीव कुमार साहनी और कथित नाबालिग के बीच पहले से विवाद चल रहा था। बताया जा रहा है कि काम के दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई और तनाव बढ़ता गया। आशंका जताई जा रही है कि पुरानी रंजिश की वजह से यह झगड़ा हिंसक हो गया। हालांकि झगड़ा किस बात पर था, क्या दोनों में पहले भी लड़ाई हुई थी और क्या किसी ने इसकी खबर कंपनी के मैनेजमेंट या सुरक्षा विभाग को दी थी, यह अभी साफ नहीं है।

विवाद की असल वजह क्या थी, हमला कैसे हुआ और आरोपी चाकू लेकर कंपनी के अंदर कैसे पहुंचा, इन सबकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।

इस वारदात के बाद कंपनी की सुरक्षा व्यवस्था और उसके दावों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कंपनी की ओर से पता चला है कि हमला करने वाला नाबालिग उनके यहां काम नहीं करता था। यही बात मामले को और उलझा देती है। अगर आरोपी का कंपनी से कोई नाता नहीं था, तो वह चाकू के साथ अंदर तक कैसे आ गया? क्या बाहरी लोगों की आवाजाही पर कोई निगरानी नहीं थी, या सुरक्षा में कोई बड़ी चूक हुई?

सवाल और भी हैं। क्या किसी कामगार ने उसे अंदर बुलाया था? क्या मुख्य गेट पर उसकी तलाशी ली गई थी? क्या सुरक्षा कर्मियों ने उसके पास मौजूद चाकू पर ध्यान नहीं दिया? कंपनी की सुरक्षा का असली हाल परखने के लिए अब इन सवालों के जवाब बहुत जरूरी हो गए हैं।

जिस फैक्ट्री में भारी मशीनें चलती हैं, धातु का काम होता है और जोखिम भरा काम रहता है, वहां बाहरी लोगों की एंट्री पर कंट्रोल और परिसर की सुरक्षा जरूरी मानी जाती है। ऐसे में अंदर चाकू से हुए हमले ने एंट्री व्यवस्था, सुरक्षा जांच और हादसे के वक्त की तैयारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी का यह कहना कि आरोपी उसका कर्मचारी नहीं था, इन सुरक्षा सवालों का जवाब नहीं है। वह अंदर कैसे पहुंचा और घटना रोकने के लिए क्या इंतजाम थे, यह साफ तौर पर सामने आना चाहिए।

अगर दोनों के बीच पहले से तनाव था, तो यह भी जांच का मुद्दा है कि कंपनी परिसर में झगड़े को काबू करने का कोई इंतजाम था या नहीं। क्या वारदात से पहले दोनों में कहासुनी हुई थी? क्या आसपास के कामगारों ने झगड़े को बढ़ते देखा था? क्या किसी ने बीच-बचाव की कोशिश की? इनके जवाब चश्मदीदों के बयान और मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ के बाद ही मिल सकेंगे।

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