ब्रह्मपुरी में दोस्त को गिराने से रोकने पर चाकू मारने वाले को 5 साल की सख्त कैद
चंद्रपुर की जिला व सत्र अदालत ने 22 अक्टूबर 2026 को सज़ा सुनाई। घटना 2 जनवरी 2020 की है और फैसला छह साल बाद आया।
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चंद्रपुर की जिला व सत्र अदालत ने ब्रह्मपुरी में हुए चाकूहमले के मामले में आरोपी को 5 साल की सख्त कैद सुनाई है। अदालत ने उस पर 10 हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला 22 अक्टूबर 2026 को दिया गया। जुर्माना नहीं भरा तो आरोपी को एक महीने की साधारण कैद अलग से भुगतनी होगी।
मामला 2 जनवरी 2020 का है। उस दिन सुबह साढ़े सात से आठ बजे के बीच ब्रह्मपुरी के गुजरी वार्ड इलाके में सरकारी अस्पताल के पास यह वारदात हुई थी। पुलिस की जानकारी के मुताबिक, सब्ज़ी खरीदने के दौरान हुए झगड़े की वजह से फरियादी पर चाकू से हमला हुआ।
फरियादी एक नौजवान है, जो अपने दो दोस्तों के साथ सब्ज़ी खरीदने गुजरी वार्ड गया था। इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ वाले एक दोस्त को पैर अड़ाकर नीचे गिराने की कोशिश की। फरियादी और उसके दोस्तों ने इसका विरोध किया। इस पर आरोपी भड़क गया, उन्हें गालियां देने लगा और अचानक फरियादी पर चाकू से हमला कर दिया।
इस हमले में फरियादी की छाती, बाईं तरफ, बाएं हाथ की कोहनी और हथेली पर गहरे वार लगे। वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। आरोप है कि आरोपी ने उसे जान से मारने की कोशिश की थी।
फरियादी के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर ब्रह्मपुरी पुलिस स्टेशन में उसी वक्त मामला दर्ज किया गया। भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 504 के तहत केस बना और आरोपी को फौरन गिरफ्तार कर लिया गया था।
इस केस की जांच उस वक्त के जांच अधिकारी, पुलिस उपनिरीक्षक अश्विनकुमार खेंडीकर ने की। जांच के दौरान पुलिस ने मौके के चश्मदीद गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और मज़बूत परिस्थितिजन्य सबूत इकट्ठा किए। इसके बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल की गई।
मुकदमे की सुनवाई चंद्रपुर की जिला व सत्र अदालत में हुई। सरकारी पक्ष की तरफ से सरकारी वकील एडवोकेट प्रशांत घट्टवार ने दलीलें रखीं और ठोस गवाही व सबूत पेश किए। न्यायाधीश ए. के. लाहोटी ने सरकारी पक्ष की दलीलें और सबूत मानते हुए आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत दोषी ठहराया। इसके बाद उसे 5 साल की सख्त कैद और 10 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई गई।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे और संबंधित उपविभागीय पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई। अदालत में पैरवी की ज़िम्मेदारी पुलिस अमलदार प्रकाश शेंदरे ने संभाली।
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