ब्रह्मपुरी पुलिस ने 22 साल बाद पकड़ा पत्नी पर जानलेवा हमले का फरार आरोपी
2004 के मामले में फरार रमेश खानोरकर को नागपुर जिले के नरसाला से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक उसने गुनाह कबूल किया है।
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ब्रह्मपुरी (चंद्रपुर): ब्रह्मपुरी पुलिस को 22 साल बाद एक बड़ी कामयाबी मिली है। साल 2004 में पत्नी पर जानलेवा हमला करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी रमेश झिंगुजी खानोरकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह ब्रह्मपुरी के कूर्झा का रहने वाला है।
पुलिस के मुताबिक रमेश खानोरकर नागपुर जिले के नरसाला में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने 13 अक्टूबर को उसके ठिकाने पर कार्रवाई की। उसके खिलाफ ब्रह्मपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और 326 के तहत मामला दर्ज था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने गुनाह कबूल कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
अब पुराने मामले पर नजर डालें। साल 2004 में ब्रह्मपुरी पुलिस स्टेशन में धारा 307 और 326 के तहत केस दर्ज हुआ था। आरोप है कि रमेश खानोरकर ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी पत्नी पर जानलेवा हमला किया और उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसके बाद वह पुलिस की पकड़ से बचकर फरार हो गया। अदालत ने उसे कानूनी तौर पर फरार घोषित कर दिया था। पिछले 22 साल से ब्रह्मपुरी पुलिस लगातार उसकी तलाश में थी, लेकिन वह हर बार हाथ से निकल जाता था।
हाल ही में ब्रह्मपुरी पुलिस को एक गुप्त मुखबिर से पक्की जानकारी मिली। बताया गया कि नागपुर जिले के मौदा तालुका के मौजा नरसाला में एक आदमी कई सालों से बिल्कुल अकेला रह रहा है। उसके यहां कोई रिश्तेदार नहीं आता और वह खुद भी किसी के संपर्क में नहीं रहता। इस जानकारी पर पुलिस ने पूरी गोपनीयता रखते हुए उस आदमी के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
गहन पूछताछ और जांच के बाद पुलिस को यकीन हो गया कि यह वही रमेश झिंगुजी खानोरकर है, जो 22 साल पहले ब्रह्मपुरी में पत्नी पर जानलेवा हमला करके फरार हुआ था। पुलिस के मुताबिक वह इतने सालों से अपना नाम और असली पहचान बदलकर नरसाला (तालुका कन्हान, जिला नागपुर) में छिपकर रह रहा था।
पुलिस ने इस बात का पूरा ध्यान रखा कि आरोपी को उसकी हलचल की भनक न लगे। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में 13 अक्टूबर 2026 को नरसाला में उसके ठिकाने पर अचानक छापा मारकर उसे पकड़ लिया गया। पुलिस के सामने आते ही आरोपी ने गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे औपचारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया है और उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच तेजी से चल रही है।
यह कार्रवाई चंद्रपुर जिले के पुलिस अधीक्षक आयुश नोपानी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी साहील झरकर और पुलिस निरीक्षक कांचन पांडे के मार्गदर्शन में की गई। इसमें सहायक पुलिस निरीक्षक मनोज खडसे के साथ पुलिस हवालदार मुकेश गजबे, मिलिंद नैताम और पुलिस अमलदार प्रवीण भिवगडे, इर्शाद खान, निलेश तूमसरे, स्वप्नील पलसपगार और वशिष्ठ रंगारी ने अहम भूमिका निभाई।