बिजली कनेक्शन के लिए आडगाव राजा के ग्रामीणों का धरना, 8 दिन में पानी सप्लाई का लिखित आश्वासन
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पाइपलाइन बिछने के बाद भी बिजली कनेक्शन के बिना पानी नहीं मिल रहा था। पंचायत समिति दफ्तर में धरने के बाद लिखित आश्वासन मिला और आंदोलन वापस लिया गया।
बुलढाणा के आडगाव राजा में, जो राजे लखुजीराव जाधव की जन्मभूमि है, पानी की किल्लत गंभीर हो गई है। पिंपरखेड बुद्रुक के बांध से गांव के कुएं तक पाइपलाइन बिछ चुकी है, फिर भी सिर्फ बिजली कनेक्शन न होने से पानी की सप्लाई शुरू नहीं हुई। साल भर से प्रशासन बार-बार वही आश्वासन दोहरा रहा है, इसलिए नाराज ग्रामीणों ने बुधवार को पंचायत समिति दफ्तर में धरना दिया। आखिर 8 दिन में सप्लाई शुरू करने का लिखित आश्वासन मिलने पर आंदोलन वापस लिया गया।
पिछले साल पानी की किल्लत को लेकर हुई आमसभा में ग्रामीणों ने गांव के पानी का मुद्दा उठाया था। तब भी प्रशासन ने 8 दिन में सप्लाई शुरू करने का वादा किया था, लेकिन साल बीत गया और वादा पूरा नहीं हुआ। इस बीच बांध से कुएं तक पाइपलाइन का काम पूरा हो गया, पर बिजली कनेक्शन का काम अटका रहा और पूरी योजना ठप पड़ी है। पानी का इंतजाम होने के बावजूद ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।
प्रशासन की इस देरी की तरफ ध्यान दिलाने के लिए ग्रामीणों ने 30 अक्टूबर को ज्ञापन दिया था। उसमें चेतावनी थी कि सोमवार तक सप्लाई शुरू नहीं हुई तो पंचायत समिति दफ्तर के सामने आंदोलन किया जाएगा। मामला फिर भी नहीं सुलझा, तो ग्रामीण पंचायत समिति पहुंचे और अधिकारियों से जवाब मांगा। वहां खंड विकास अधिकारी और पानी सप्लाई विभाग के उप अभियंता ने 8 दिन में सप्लाई शुरू करने का लिखित आश्वासन दिया, जिसके बाद आंदोलन खत्म हुआ।
आंदोलन में युवा नेता प्रदीप बिल्होरे, रामदास कहाले, प्रकाश सोनुने, अतिशराजे जाधव, रुस्तुमराव झोरे, श्याम काले, गैबी राठोड, संजय शेवाले और संजय कहाले समेत कई लोग मौजूद थे।
रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पानी की तलाश में भटक रहे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी है, क्योंकि पाइपलाइन का काम पूरा होने पर भी बिजली कनेक्शन के बिना योजना बंद पड़ी है। प्रशासन की दी आठ दिन की मियाद में सप्लाई शुरू नहीं हुई तो ग्रामीण फिर आंदोलन छेड़ सकते हैं।


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