बीड के चौसाला में होटल मैनेजर ने दी जान, जेब से मिली चिट्ठी में मालिकों पर आरोप
बीड तालुका के चौसाला में होटल जानकी के मैनेजर सतीश जाधव ने होटल के कमरे में फांसी लगा ली। नेकनूर पुलिस ने मालिक दशरथ थोरात और विकी थोरात पर केस दर्ज किया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
बीड तालुका के चौसाला गांव से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर आई है। यहां के होटल जानकी के मैनेजर सतीश जाधव ने होटल के ही एक कमरे में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक सतीश जाधव चौसाला के होटल जानकी में मैनेजर के तौर पर काम करते थे। बताया गया है कि होटल के मालिक दशरथ थोरात और उनके भाई विकी थोरात पिछले कुछ समय से सतीश पर लगातार दबाव डाल रहे थे। वजह थी ग्राहकों की उधारी का पैसा और कुछ दूसरी कारोबारी बातें।
उधारी की वसूली को लेकर सतीश को बार-बार गाली-गलौज सुननी पड़ती थी। उनके साथ बेइज्जती वाला बर्ताव भी किया जाता था। इस लगातार परेशानी की वजह से सतीश जाधव बहुत ज्यादा मानसिक तनाव में थे। साफ हुआ है कि मालिक और उनके भाई की तरफ से चल रहे मानसिक और आर्थिक उत्पीड़न से तंग आकर ही उन्होंने यह आखिरी कदम उठाया।
घटना की खबर मिलते ही नेकनूर पुलिस थाने की टीम फौरन मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने पंचनामा किया और उसके बाद लाश को अपने कब्जे में ले लिया। जब पुलिस ने मृतक सतीश जाधव के कपड़े देखे तो उनकी जेब में एक चिट्ठी मिली, यानी सुसाइड नोट।
इस सुसाइड नोट में सतीश ने होटल मालिक दशरथ थोरात और विकी थोरात की तरफ से हो रही परेशानी और उत्पीड़न का पूरा ब्योरा लिखा था। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा था कि मालिकों के सताने से तंग आकर वे अपनी जिंदगी खत्म कर रहे हैं।
सतीश जाधव की पत्नी ने इस मामले में पुलिस के पास शिकायत दी। उसी शिकायत के आधार पर नेकनूर पुलिस थाने में होटल मालिक दशरथ थोरात और विकी थोरात, दोनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।
मृतक के रिश्तेदारों ने मांग की है कि जो भी कसूरवार हैं, उन पर सख्त कार्रवाई की जाए। नेकनूर पुलिस अब इस पूरे मामले की आगे गहराई से जांच कर रही है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।